फागुन की यह मस्ती कुछ ऐसे बरस रही है

फागुन का महीना आते ही श्याम भक्तों के हृदय में आनंद और भक्ति की लहर उमड़ने लगती है। यह समय है प्रेम, उल्लास और भक्ति के रंग में रंग जाने का। फागुन की यह मस्ती कुछ ऐसे बरस रही है भजन हमें खाटू श्याम जी की अनोखी होली और उनकी अलौकिक कृपा का अनुभव कराता है। जब भक्त बाबा के दरबार में फागुन के रंग में सराबोर होते हैं, तो भक्ति और प्रेम का उत्सव अपने चरम पर होता है। आइए, इस भजन को पढ़कर हम भी इस दिव्य आनंद में सहभागी बनें।

Faagun Ki Yah Masti Kuchh Aise Baras Rahi Hai

फागुन की ये मस्ती कुछ ऐसे बरस रही है
कुछ और ही कहना चाहूं जय श्री श्याम ही निकल रही है।

खाटू नगरी जो भी जाए खाली हाथ ना आए
जो लौट लौट कर आए वह जय श्री श्याम ही गए
श्याम कृपा से मेरी ये हस्ती बदल रही है 2
कुछ और ही कहना…………

खाटू की पावन गलियों में गूंज रहा जयकारा
कहते है प्रेमी इनको हार का श्याम सहारा
श्याम दरस को मेरी ये अखियां तरस रही है 2
कुछ और ही कहना…
…..

फागुन आया फागुन आया साथ में खुशियां लाया
खुश होकर राम श्याम ने बाबा को भजन सुनाया
खाटू में आकर के सारी दुनिया झूम रही है
कुछ और ही कहना…….।

लेखक-राम श्याम अवस्थी
भजन -गायक राम श्याम अवस्थी ग्वालियर

खाटू श्याम जी की होली केवल रंगों की नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति के उत्साह की होली होती है। यह भजन हमें बाबा के साथ उस आनंदमयी संगति का अनुभव कराता है, जहाँ हर भक्त उनकी भक्ति में मग्न होकर फागुन की मस्ती में झूम उठता है। श्याम प्रेमियों के लिए यह महीना बेहद खास होता है, और उनकी कृपा का रंग जीवनभर स्थायी रहता है। आप “श्याम नाम लेता जाओ”, “खाटू वाले का दरबार निराला है”, “तेरी रे मर्जी खाटू वाले” और “हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा” जैसे अन्य भजनों को पढ़कर अपनी भक्ति को और गहरा कर सकते हैं। जय श्री श्याम!

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