बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर दे हर ग्यारस पे मिलने का प्रबंध कर दे

बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर दे, हर ग्यारस पे मिलने का प्रबंध कर दे भजन श्याम बाबा के प्रति भक्त की गहरी आस्था और उनकी कृपा की कामना को दर्शाता है। यह भजन उस सच्चे प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें भक्त बाबा से प्रार्थना करता है कि उसकी तकदीर संवार दी जाए और हर ग्यारस पर बाबा के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो। यह भजन हमें श्याम जी की कृपा पर अटूट विश्वास रखना सिखाता है और हमें उनके चरणों में समर्पण करने की प्रेरणा देता है।

Baba Meri Kismat Buland Kar De Har Gyaras Pe Milane Ka Prabandh Kar De

श्याम..
बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर दे
हर ग्यारस पे मिलने का प्रबंध कर दे
हाजरी न छूटे.. अनुबंध कर दे..
हर ग्यारस

1.. यूं तो तेरे खाटू नगर में, हर रात ग्यारस की रात है
क्या फागण क्या सावण वहां पर, किरपा बरसती दिन रात है
मुझपे भी किरपा.. तेरी चंद कर दे..
हर ग्यारस

2.. नाज है मुझको किस्मत पे मेरी, मैंने तुम्हारा दर पा लिया
सेवा पूजा कुछ भी न जानूं, तूने तो फिर भी अपना लिया
दर दर भटकाना.. अब तो बन्द कर दे..
हर ग्यारस

3.. धन दौलत की परवा नही है, अपनी मुलाकात होती रहे
जब तक सांस चले मेरे घर में, बाबा तुम्हारी ज्योती रहे
अम्बरीष मांगे.. भग्तों को आनंद कर दे..
हर ग्यारस

श्याम बाबा अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। “बाबा मेरी किस्मत बुलंद कर दे, हर ग्यारस पे मिलने का प्रबंध कर दे” भजन भी इसी विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। श्याम प्रेम और उनकी कृपा का अनुभव करने के लिए सांवलिया सेठ के श्री चरणों में अर्जी लगाने आया हूं, गले से लगा लो ना साँवरिया, मेरे श्याम धनी तुझे लाखों प्रणाम, और तेरे द्वार से बाबा, दरबार से कभी भी कोई भी खाली ना गया भजन भी पढ़ें और श्याम जी की भक्ति में मग्न हो जाएं।

Leave a comment