बाबा मैं हु दास तेरा दर्शन का हु अभिलाषी

बाबा मैं हूँ दास तेरा, दर्शन का हूँ अभिलाषी भजन श्याम बाबा के प्रति एक भक्त की गहरी भक्ति और दर्शन की तड़प को दर्शाता है। जब मन श्याम प्रेम में डूब जाता है, तब भक्त केवल बाबा के चरणों में स्थान पाने की इच्छा करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में न कोई स्वार्थ होता है और न कोई शर्त, बस बाबा के दर्शन की लगन होती है।

Baba Main Hu Das Tera Darshan Ka Hun Abhilashi

जब से तेरे द्वार पे आया ,एक सुकून मिला
दिल ये जिसे ढूंढता आया, वो वजूद मिला
छाए जब बादल ग़म के ,तुझे याद किया
साँवरिया…

हारे जब ,सारे जग से तूने साथ दिया
बाबा मैं हु दास तेरा दर्शन का हु अभिलाषी
बाबा अब बुझा दोना,नैनों की ये प्यास हमारी

जो भी तेरे खाटू गया, बिन माँगे बाबा सब कुछ है पाया
पाई ख़ुशी दर से तेरे,उनको मिला है तेरा सहारा
क्या कुछ ना मिला, ये जानु मैं जग जाने ना
बाबा मैं पुकार रहा,दर्शन दे दो गिरधारी
बाबा अब बुझा दोना नैनों की ये प्यास हमारी

कोई नही था जब मेरा, तुमने ही हाँथो को थामा
हाथ फिरा सर पे मेरे ,तुमने मुझे फिर दर्शन दिखाया
फिर हुआ ये कमाल,ये जानु मैं जग जाने ना
बाबा क्या है तेरी कृपा दुनिया न जाने ये सारी
बाबा अब बुझा दोना नैनों की ये प्यास हमारी

करता विनय दास तेरा सुनलेना प्रभु इक अर्जी हमारी
खाटू में ही रहना मुझे,करता रहूँ सदा सेवा तुम्हारी
भक्ति का दो वरदान, सेवा करूँ जब तक है प्राण
बाबा मैं पुकार रहा दर्शन दे दो गिरधारी
बाबा अब संभालो जरा,मैं तो हु शरण तुम्हारी
बाबा मैं हूं दास तेरा दर्शन का हु अभिलाषी
बाबा अब बुझा दोना नैनों की ये प्यास हमारी

श्याम बाबा के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती, और जो उनके दर्शन की अभिलाषा रखता है, उसे बाबा अवश्य दर्शन देते हैं। “बाबा मैं हूँ दास तेरा, दर्शन का हूँ अभिलाषी” भजन हमें इसी भक्तिभाव में रंग देता है। श्याम प्रेम को और गहराई से महसूस करने के लिए बधाई होवे जी, मन में विश्वास है तो आएगा सांवरा, पहली नजर में तेरा काम बनेगा, और जिसे चाहिए बाबा का खजाना भजन भी पढ़ें और बाबा की भक्ति में लीन हों।

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