बाबा बुलाए खाटू दौड़े चले आए हम

बाबा बुलाए खाटू दौड़े चले आए हम भजन हर उस भक्त की भावना को व्यक्त करता है, जो श्याम बाबा के बुलावे पर अपना सब कुछ छोड़कर खाटू धाम की ओर चल पड़ता है। जब बाबा की कृपा होती है, तो कोई भी बाधा भक्त को रोक नहीं सकती, और उसके चरण अपने आप खाटू की ओर बढ़ जाते हैं। आइए, इस भजन को पढ़कर बाबा के प्रेम में खो जाएं और उनकी कृपा का अनुभव करें।

Baba Bulaye Khatu Daude Chale Aaye Hum

बाबा बुलाए खाटू दौड़े चले आए हम -2
अपने कदमों को बिल्कुल रोक नहीं पाए हम ।।

तर्ज: बेटा बुलाये झट दौड़ी चली आये माँ
लेखक: विष्णु कुमार सोनी, कानपुर

कलयुग में मेरे बाबा की खाटू से सरकार चले ।
जो भी आए इसके दर पर उसका बेड़ा पार करें ।।
इनकी चौखट पर आ करके, मनचाहा वर पाये हम ।
बाबा बुलाये…

लखदातार हमारा बाबा, सबकी झोलियां भरता है ।
संकट में जो इसको ध्यावे, उसके संकट हरता है ।।
हारे का जो बने सहारा, उसको सदा मनाये हम,
बाबा बुलाये….

हर ग्यारस पर मिले बुलावा, खाटू वाले धाम से ।
बस इतनी ही करे विनती, ‘विष्णु’ बाबा श्याम से ।।
बारम्बार शीश के दानी, तेरे दर्शन पाये हम ।
बाबा बुलाये…..

खाटू श्याम जी का बुलावा हर भक्त के लिए परम सौभाग्य का प्रतीक होता है, क्योंकि जो बाबा के धाम पहुंच जाता है, वह अपने सभी कष्टों से मुक्त हो जाता है। “बाबा बुलाए खाटू दौड़े चले आए हम” भजन भी इसी भक्ति और समर्पण की मिसाल है। श्याम प्रेम और उनकी कृपा का अनुभव करने के लिए बाबा खाटू का तेरा दाल चूरमा मन लालचावे रे, कभी तेरी चौखट ना छोडेंगे हम, खाटू की रज को समझो ना बालू, और थे म्हारा सरकार, म्हारा खाटू वाला श्याम भजन भी पढ़ें और श्याम जी की भक्ति में रम जाएं।

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