भक्तों, जब भी कोई भक्त सच्चे मन से श्याम बाबा को पुकारता है, वे उसे कभी निराश नहीं करते। उनकी कृपा अपार है, और वे हर किसी की लाज बचाने अवश्य आते हैं। आज हम जिस भजन आजा लाज बचाने की चर्चा कर रहे हैं, वह श्याम प्रेमियों की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। इस भजन के मधुर बोल हमें बताते हैं कि श्याम बाबा अपने भक्तों की पुकार जरूर सुनते हैं और संकट के समय रक्षा करते हैं। आइए, इस भजन को आत्मसात करें और उनके चरणों में समर्पित हों।
Aaja Laaj Bachane
हम तो आये, तेरे द्वारे, दुख-दर्दो के मारे,
आजा अब तो, लाज बचाने, ओ हारे के सहारे,
पैदल चलकर, रिंगस से मैं, तेरा निशान उठाऊं,
चढ़कर तेरह पेड़ी बाबा, तेरा दर्शन पाऊं,
लेने आजा, तोरण द्वार पे, तेरा यें दास पुकारे,
आजा अब तो लाज बचाने….
मैं श्याम कुंड में, नहा के बाबा, तेरे दर पे आऊं,
केसर- इत्र- गुलाब ले के, तुझको भेंट चढ़ाऊं,
भोग लगाऊं, तुझको बाबा, छप्पन भोग तू खा ले,
आजा अब तो लाज बचाने….
हारे का तू, साथी कहाए, बाबा लखदातारी,
एक बांण से, खेल दिखाये, जाने दुनियाँ सारी,
तीनो लोक में, डंका बजता, ऐसे श्याम हमारे,
आजा अब तो लाज बचाने….
तू झोली सबकी, भरता बाबा, दर जो तेरे आये,
इच्छा सबकी, पूरी होती, ध्यान जो तेरा लगाएं,
मोहित गोयल के, तूने बाबा, बिगड़े काम सवारें,
आजा अब तो लाज बचाने….
श्याम बाबा करुणा और प्रेम के सागर हैं, जो भी उन्हें पुकारता है, वे उसकी लाज बचाने अवश्य आते हैं। यह भजन हमें उनके असीम कृपा भाव का एहसास कराता है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “मेरा आपके बिना चले ना काम , श्याम से नैना मिला आया , हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा , और “अब तो आजा श्याम” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं।