मैं तो दीवाना हो गया नाकोड़ा भेरुजी भजन

भक्ति में जब प्रेम और समर्पण अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाता है, तब भक्ति दीवानगी का रूप ले लेती है। मैं तो दीवाना हो गया नाकोड़ा भेरुजी भजन भी इसी अनन्य भक्ति का प्रतीक है। यह भजन नाकोड़ा भैरव जी की महिमा और उनकी कृपा का वर्णन करता है, जिससे भक्त उनके प्रति और अधिक समर्पित हो जाता है। आइए, इस भक्ति भरे भाव को आत्मसात करें।

Kasam se Main To Deewana Ho Gaya

लेना देना क्या इस जहान से,
दिल लगा नाकोड़ा के नाथ से,
भक्ति का रंग चढ़ गया,
कसम से,
मैं तो दीवाना हो गया,
जब से जुड़ा हूँ दरबार से,
नैना जो मिले है सरकार से,
भक्ति का रंग चढ़ गया,
कसम से,
में तो दीवाना हो गया।1।

सुंदर छवि ये प्यारी छटाएं,
मन मेरे भाये दिल को लुभाए,
छोड़ तुम्हे अब वापस न जाये,
चरणों मे तेरे जीवन बिताये,
भक्त खड़े है ये कतार में,
आज नाकोड़ा दरबार में,
देख मगन हो गया,
कसम से,
में तो दीवाना हो गया।2।

चोखट पे जो शिश झुकाये,
भक्ति करे तेरी तुझको रिझाये,
दादा तू उनके संकट मिटाए,
नैया भवँर से पार लगाए,
तन मन जाँऊ तुझे वार के,
आये है दुनिया से हार के,
भक्ति का रंग चढ़ गया,
कसम से,
में तो दीवाना हो गया।3।

जाने कैसा तेरा असर है,
भक्ति को तेरी मन बेसबर है,
सब कहते है नाकोडा जिसको,
भक्त कहे वो प्रेम नगर है,
जन्मोजन्म इस रास्ते,
भटका में दादा तेरे वास्ते,
अब जाके तू मिल गया,
कसम से,
में तो दीवाना हो गया।4।

लेना देना क्या इस जहान से,
दिल लगा नाकोड़ा के नाथ से,
भक्ति का रंग चढ़ गया,
कसम से,
मैं तो दीवाना हो गया,
जब से जुड़ा हूँ दरबार से,
नैना जो मिले है सरकार से,
भक्ति का रंग चढ़ गया,
कसम से,
में तो दीवाना हो गया।5।

जैन जी के भजन सदैव भक्ति के रस में सराबोर होते हैं और मैं तो दीवाना हो गया नाकोड़ा भेरुजी भजन भी उसी दिव्य श्रृंखला का एक अमूल्य मोती है। यदि यह भजन आपके हृदय में भक्ति की ज्योति जलाने में सफल रहा, तो “नाकोड़ा भैरव जी की महिमा , भैरव बाबा का दरबार , जय जय भैरव नाथ” और “नाकोड़ा जी की कृपा अपार” जैसे अन्य भजन भी पढ़ें और नाकोड़ा भैरव जी की भक्ति में डूब जाएं। 🙏

Share

Leave a comment