बजरंग सा भक्त नहीं कोई अवधबिहारी का भजन श्री हनुमान जी की अनन्य भक्ति और उनकी अपार निष्ठा का वर्णन करता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि हनुमान जी से बढ़कर कोई भी भक्त नहीं हुआ, जिन्होंने अपने आराध्य प्रभु श्रीराम की सेवा में अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए। उनकी निस्वार्थ भक्ति, अपार शक्ति और अद्वितीय समर्पण उन्हें भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत बनाता है। यह भजन हमें भी उनकी तरह भक्ति, सेवा और समर्पण का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है।
Yah Shri Balaji Maharaj Hai Rakhte Bhakto ki ye Laaj hai
ये श्री बालाजी महाराज है,
रखते भक्तो की ये लाज है।
सालासर के मेरे बालाजी,
मेरे सियाराम की शान है।
ये श्री बालाजी महाराज हैं,
रखते भक्तो की ये लाज है।।
सबके दाता हैं ये,
नाम हनुमत मिला,
थामकर इनकी उंगली।
है जो भी चला,
चरणों में बैठ के,
इनके देखो कभी।
दूर हो जाएगी,
आपकी हर बला,
इतने उपकार हैं क्या कहें,
ये बताना न आसान है।
सालासर के मेरे बालाजी,
मेरे सियाराम की शान है।
ये श्री बालाजी महाराज हैं,
रखते भक्तो की ये लाज है।।
आसरा है तेरा,
सारा जग ये कहे,
तेरे चरणों से ही।
प्रेम गंगा बहे,
आए जो भी यहाँ,
दुख को ये टाल दे।
राम कहता है जो,
ये उसे प्यार दे,
बाला के रूप में है प्रभु,
देता सबको ही वरदान है।
सालासर के मेरे बालाजी,
मेरे सियाराम की शान है।
ये श्री बालाजी महाराज हैं,
रखते भक्तो की ये लाज है।।
आपके दर पे हम,
यूँ ही आते रहें,
आपके प्रेम को।
यूँ ही पाते रहें,
करुणा मिलती रहे,
आपके चरणों से।
ध्यान मेरा रहे,
आपके चरणों में,
आप यूँ ही मेहरबा रहें।
सबके दिल मे ये अरमान है,
सालासर के मेरे बालाजी,
मेरे सियाराम की शान है।
ये श्री बालाजी महाराज हैं,
रखते भक्तो की ये लाज है।।
ये श्री बालाजी महाराज है,
रखते भक्तो की ये लाज है।
सालासर के मेरे बालाजी,
मेरे सियाराम की शान है।
ये श्री बालाजी महाराज हैं,
रखते भक्तो की ये लाज है।।
हनुमान जी केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे सबसे बड़े भक्त भी हैं, जिनकी निष्ठा और समर्पण अतुलनीय है। यह भजन हमें सिखाता है कि जब कोई प्रेम और श्रद्धा से भगवान की भक्ति करता है, तो वह स्वयं प्रभु के सबसे प्रिय बन जाते हैं, जैसे हनुमान जी श्रीराम के हुए। भक्त यदि निष्काम भाव से अपने आराध्य की सेवा करता है, तो उसे हर परिस्थिति में उनकी कृपा प्राप्त होती है और वह हर कठिनाई को सहज ही पार कर लेता है।
बजरंग सा भक्त नहीं कोई अवधबिहारी का केवल एक भजन नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति का आदर्श उदाहरण है। यह हमें यह संदेश देता है कि यदि हम अपने जीवन में ईमानदारी, भक्ति और समर्पण को अपनाते हैं, तो हमें न केवल आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है, बल्कि हमारे समस्त भय, दुख और चिंताओं का नाश भी हो जाता है। हनुमान जी की भक्ति हमें यही सिखाती है कि प्रेम और सेवा का मार्ग ही प्रभु तक पहुँचने का सर्वोत्तम मार्ग है।

I am Shri Nath Pandey and I am a priest in a temple, which is located in Varanasi. I have been spending my life worshiping for the last 6 years. I have dedicated my soul completely to the service of God. Our website is a source related to Aarti, Stotra, Chalisa, Mantra, Festivals, Vrat, Rituals, and Sanatan Lifestyle. View Profile