यह प्रेम सदा भरपूर रहे हनुमान तुम्हारे चरणो में भजन लिरिक्स

यह प्रेम सदा भरपूर रहे, हनुमान तुम्हारे चरणों में भजन सच्ची भक्ति और समर्पण की भावना को दर्शाता है। यह भजन भक्तों की हनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है, जिसमें वे यह कामना करते हैं कि उनके जीवन में हनुमान जी के चरणों की भक्ति सदा बनी रहे। हनुमान जी की भक्ति से जीवन में शक्ति, शांति और आनंद का संचार होता है। यह भजन भक्तों को यह एहसास कराता है कि सच्चा सुख और शांति केवल प्रभु के चरणों में समर्पण करने से प्राप्त होती है।

Yah Prem Sada bharpur Rahe Hanuman Tumhare Charanon me

यह प्रेम सदा भरपूर रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणो में
यह अर्ज मेरी मंजूर रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणो में।।

निज जीवन की यह डोर तुम्हे
सौंपी है दया कर इसको धरो,
उद्धार करो ये दास पड़ा
हनुमान तुम्हारे चरणों में,
यह प्रेम सदा भरपुर रहे
हनुमान तुम्हारे चरणो में।।

संसार में देखा सार नहीं
तब ही चरणों की शरण गहि,
भवबंध कटे यह विनती है
हनुमान तुम्हारे चरणों मै
हनुमान तुम्हारे चरणों में
यह प्रेम सदा भरपुर रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणो में।।

आँखों में तुम्हारा रूप रमे
मन ध्यान तुम्हारे में मगन रहे,
धन अर्पित निज सब कर्म करे
हनुमान तुम्हारे चरणों में,
यह प्रेम सदा भरपुर रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणो में।।

वह शब्द मेरे मुख से निकले,
मेरे नाथ जिन्हे सुनकर पिघले
‘देवेंद्र’ ‘राघवेंद्र’ के भाव ऐसे रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणों में
यह प्रेम सदा भरपुर रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणो में।।

यह प्रेम सदा भरपूर रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणो में
यह अर्ज मेरी मंजूर रहे,
हनुमान तुम्हारे चरणो में।।

हनुमान जी की कृपा से भक्तों का जीवन सदैव भक्ति और उत्साह से भरा रहता है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि संसार की सभी मोह-माया से परे, केवल हनुमान जी के चरणों की भक्ति ही हमें सच्चा आत्मिक आनंद और शांति प्रदान कर सकती है। जब हम सच्चे मन से उनके चरणों में प्रेमपूर्वक समर्पित होते हैं, तो हमारे जीवन के सभी कष्ट और बाधाएँ स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। इस भजन का गान करने से मन में भक्ति की गहरी अनुभूति होती है और हनुमान जी की कृपा का अनुभव होता है। यह भजन हमें प्रेरणा देता है कि हमें अपने हृदय में हनुमान जी के प्रति प्रेम और श्रद्धा को सदैव बनाए रखना चाहिए।

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