ना स्वर है ना सरगम हैना स्वर है ना सरगम है,
भक्ति की धारा में जब सुर और ताल का संगम होता है, तब मन प्रभु की आराधना में खो जाता है। लेकिन क्या हो, अगर सुर और सरगम के बिना भी भक्ति की शक्ति अपनी पूर्णता को प्राप्त कर ले? ना स्वर है ना सरगम है भजन हमें यही एहसास कराता है कि हनुमान जी … Read more