मेरे मन में बसे है राम मेरे तन में बसे है राम लिरिक्स

मेरे मन में बसे है राम, मेरे तन में बसे है राम भजन में भगवान श्रीराम की परम भक्ति और उनके प्रति अनन्य प्रेम का अनुभव होता है। यह भजन हनुमान जी के श्रीराम के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इस भजन का उद्देश्य यही है कि हम सबके भीतर श्रीराम का वास हो और हम हमेशा उन्हीं के मार्ग पर चलें।

Mere Man Me Base Hai Ram Mere Tan Me Base Hai Ram Lyrics

छाती चिर के हनुमान ने,
बता दिए श्री राम,
मेरे मन में बसे है राम,
मेरे तन में बसे है राम,
मेरे मन मे बसे है राम,
मेरे तन में बसे है राम।1।

जिस वस्तु में राम नहीं,
वह वस्तु ना आए काम,
जिस वस्तु में राम नहीं,
वह वस्तु ना आए काम,
मेरे मन मे बसे है राम,
मेरे तन में बसे है राम।2।

राम काज किए बिना,
मोहे कहाँ विश्राम,
राम काज किए बिना,
मोहे कहाँ विश्राम,
मेरे मन मे बसे है राम,
मेरे तन में बसे है राम।3।

राम नाम सुमिरण से,
समुन्दर पार गए हनुमान,
राम नाम सुमिरण से,
समुन्दर पार गए हनुमान,
Bhajan Diary Lyrics,
मेरे मन मे बसे है राम,
मेरे तन में बसे है राम।4।

छाती चिर के हनुमान ने,
बता दिए श्री राम,
मेरे मन में बसे है राम,
मेरे तन में बसे है राम,
मेरे मन मे बसे है राम,
मेरे तन में बसे है राम।5।

जब हम श्रीराम को अपने हृदय में स्थान देते हैं, तो हमारे जीवन में हर राह आसान हो जाती है। भगवान राम का आशीर्वाद हमें समस्त दुखों और बाधाओं से मुक्त करता है। इनके अन्य भजन भी हमें यह प्रेरणा देता है कि यदि हम राम के नाम का उच्चारण करें और उनके प्रति समर्पित हों, तो हमारे जीवन की सारी उलझनें स्वतः समाप्त हो जाएंगी। जय श्रीराम! ????

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