मेरा संकट कट गया जी मेहंदीपुर के दरबार में भजन लिरिक्स

मेरा संकट कट गया जी, मेहंदीपुर के दरबार में भजन बालाजी महाराज की कृपा और उनकी चमत्कारी शक्तियों का गुणगान करता है। यह भजन उन भक्तों की अनुभूति को प्रकट करता है जो मेहंदीपुर बालाजी के दरबार में आकर अपने सभी कष्टों से मुक्त हो जाते हैं। जब भक्तगण सच्चे मन से बालाजी महाराज की शरण में आते हैं, तो उनके जीवन की सभी परेशानियाँ समाप्त हो जाती हैं, और उन्हें आत्मिक शांति प्राप्त होती है। यह भजन श्रद्धालुओं को विश्वास और भक्ति से भर देता है।

Mera Sankat cut Gaya ji Mehandipur ke Darbar me

मेरा संकट कट गया जी
मेहंदीपुर के दरबार में,
मेरा संकट कट ग्या
संकट कट ग्या,
संकट कट ग्या जी
मेरा संकट कट ग्या जी,
मेहंदीपुर के दरबार में।।

एक दिन चौराहे के ऊपर
पैर मेरा था आया,
पीछे पड़ गया यारो मेरे
एक भूत का साया,
हालत मेरी बिगड़न लागी
समझ नहीं कुछ आवे,
मेरे बस की बात नही वो
मन्ने घणा सतावे,
वो मेरे चिपट गया जी
मैं सर मारू दीवार में,
मेरा संकट कट ग्या जी,
मेहंदीपुर के दरबार में।।

श्याणे शपटे रोज करे
चिमटे से मेरी पिटाई,
डॉक्टर वैद्य दिखाता डोलूं
लागे नही दवाई,
एक जना यूँ बोला इसने
मेहंदीपुर ले चालो,
बांध जूट ते इसने
तुम सूमो के अंदर घालो,
मैं जाने ते नट गया जी
उस बाबा के दरबार में,
मेरा संकट कट ग्या जी
मेहंदीपुर के दरबार में।।

मेहंदीपुर पंहुचा तो
‘नरसी’ चेन थोड़ा सा आया,
लागा जब आरती का छींटा
निर्मल हो गई काया,
भूत प्रेत सब भागे मेरे
मिल गया था छुटकारा,
बालाजी ने कर दिया मेरे
संकट का निपटारा,
मेरे संकट का निपटारा
मन्ने बेरा पट गया जी,
ना इसा कोई संसार में
मेरा संकट कट ग्या जी,
मेहंदीपुर के दरबार में।।

मेरा संकट कट गया जी,
मेहंदीपुर के दरबार में
मेरा संकट कट ग्या,
संकट कट ग्या
संकट कट ग्या जी,
मेरा संकट कट ग्या जी,
मेहंदीपुर के दरबार में।।

बालाजी महाराज अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं और उनके सभी संकटों का समाधान करते हैं। यह भजन हमें यह संदेश देता है कि जब हम पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ उनके दरबार में आते हैं, तो हमें निराशा नहीं मिलती, बल्कि उनके आशीर्वाद से हमारा जीवन नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भर जाता है। मेहंदीपुर धाम की महिमा अपरंपार है, जहाँ आकर भक्तों को अपने दुखों से मुक्ति मिलती है और वे नया जीवन प्राप्त करते हैं।

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