मन हो जा दिवाना रे बालाजी के चरणों में भजन लिरिक्स

मन हो जा दिवाना रे बालाजी के चरणों में भजन भक्तों को श्री बालाजी महाराज की भक्ति में लीन होने की प्रेरणा देता है। यह भजन हमें बताता है कि जब मन श्री हनुमान जी के चरणों में समर्पित हो जाता है, तो जीवन के सारे कष्ट और परेशानियाँ स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं। श्री बालाजी की कृपा से भक्तों को न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि वे हर संकट से भी पार पा जाते हैं।

Man Ho Ja Diwana Re Balaji Ke Charano Me

मन हो जा दिवाना रे,
बालाजी के चरणों में
तू करले ठिकाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

पिता पवन अंजनी महतारी,
शिव शंकर के हो अवतारी
सारा झुकता जमाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता,
दिनों के अटके काम बनाता,
सारा रहता खजाना रे
बालाजी के चरणो में,
मन हो जा दीवाना रे
बालाजी के चरणों में।।

निर्धन को धनवान बनाते,
निर्बल को बलवान बनाते
तू भी मन को लगाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

तन के सारे रोग मिटाते,
भवर से नैया पार लगाते
अपनी विनती सुनाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

मन हो जा दिवाना रे,
बालाजी के चरणों में
तू करले ठिकाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

श्री बालाजी महाराज की भक्ति में जो भी मन से समर्पित हो जाता है, उसे जीवन में कभी किसी बात की चिंता नहीं रहती। उनका आशीर्वाद सदा अपने भक्तों पर बना रहता है। यदि यह भजन सुनकर आपके मन में बालाजी महाराज के प्रति श्रद्धा और भक्ति बढ़ गई है, तो भक्ति और शक्ति के दाता, रामचरण से जिनका नाता भजन भी अवश्य पढ़ें, जो उनकी शक्ति और कृपा की महिमा को दर्शाता है। जय श्री बालाजी!

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