मैं बूटी ढूंढ के लाऊंगा मेरा वादा है लिरिक्स

मैं बूटी ढूंढ के लाऊंगा, मेरा वादा है भजन हनुमान जी की अटूट भक्ति, समर्पण और निष्ठा का प्रतीक है। यह भजन उस पवित्र प्रसंग से प्रेरित है, जब भगवान श्रीराम के प्रिय भक्त हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के लिए विशाल पर्वत उठाकर ले आए थे। यह भजन हमें यह सिखाता है कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और भक्ति सच्ची हो, तो कोई भी कठिनाई हमारे रास्ते को नहीं रोक सकती।

Mai Booti Dund Ke Launga Mera Vada Hai Lyrics

मैं बूटी ढूंढ के लाऊंगा, मेरा वादा है,
लखन के प्राण बचाऊंगा, मेरा वादा है,
मैं बूटी ढूँढ के लाऊंगा, मेरा वादा है।1।

मेरे प्रभु ना हो आधिर,
है ये मुश्किल की घडी,
तुम्हारे नाम से कटती है, विपदाएं बड़ी,
मैं उड़ के पहुंचूंगा पर्वत पे, मेरा वादा है,
लखन के प्राण बचाऊंगा, मेरा वादा है,
मैं बूटी ढूँढ के लाऊंगा, मेरा वादा है।2।

कसम है मुझको प्रभु की, कुछ ना होने दूंगा,
मैं दास तेरा ये विश्वास, ना खोने दूंगा,
ले आऊंगा मैं बूटी को, मेरा वादा है,
लखन के प्राण बचाऊंगा, मेरा वादा है,
मैं बूटी ढूँढ के लाऊंगा, मेरा वादा है।3।

उठा के लाए जो पर्वत को, है बजरंगबली,
पिलाई बूटी जो लक्ष्मण को, तो फिर जान बची,
है ‘विश्वा’ यश तेरा गाएगा, मेरा वादा है,
लखन के प्राण बचाऊंगा, मेरा वादा है,
मैं बूटी ढूँढ के लाऊंगा, मेरा वादा है।4।

मैं बूटी ढूंढ के लाऊंगा, मेरा वादा है,
लखन के प्राण बचाऊंगा, मेरा वादा है,
मैं बूटी ढूँढ के लाऊंगा, मेरा वादा है।5।

इस भजन के बोल केवल हनुमान जी की शक्ति और श्रद्धा को ही नहीं दर्शाते, बल्कि हमें भी यह याद दिलाते हैं कि जब हम किसी संकल्प को धारण कर लेते हैं, तो उसे पूरा करने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना चाहिए। हनुमान जी की भक्ति और सेवा का यह गुण हमें सिखाता है कि जब भी हमारे सामने कोई चुनौती आए, तब हमें भी उसी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जब मन में विश्वास और भक्ति का दीप जलता है, तब हर असंभव कार्य भी संभव हो जाता है।

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