हनुमत का हाथ अपने सर | Hanumat Ka Hath Apne Sir

जब जीवन में परेशानियाँ आती हैं और रास्ते कठिन लगने लगते हैं, तब बस एक ही आश्रय शरण देता है—संकटमोचन हनुमान जी का। हनुमत का हाथ अपने सर भजन हमें यह एहसास कराता है कि जब हनुमान जी की कृपा हम पर होती है, तब कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती। उनका आशीर्वाद जीवन के हर संकट को मिटा देता है और हमें आत्मबल व साहस प्रदान करता है। यह भजन श्रद्धालुओं के मन में अटूट विश्वास और भक्ति का संचार करता है।

Hanumat Ka Hath Apne Sir

रूह कांप रही थी मेरी,
मन में डर डर डर था,
मन बोला जय जय बजरंग बली,
जय जय वीर हनुमान,
काहे को डर,
जब हनुमत का हाथ अपने सर…..

एक सुनसान भयंकर रात थी,
घोर घोर अंधेरे की बात थी,
काप रहा था सारा अंग अंग,
मन से बोला जय जय बजरग,
बोला हनुमते और पहुंच गया घर…..

भूत चुड़ैल पास नही भटकते,
जब हनुमान का नाम रटते,
हर मुश्किल का हल हनुमान,
तन मन धन से करो ध्यान,
बोलो बजरंगबली और निडर……

हनुमान जी का हाथ जिनके सिर पर होता है, वे कभी किसी भय या संकट से घबराते नहीं हैं। “हनुमत का हाथ अपने सर” भजन सुनने के बाद यदि आपकी श्रद्धा और भी प्रबल हो गई है, तो आप “सालासर धाम की है ऐसी हस्ती” अवश्य पढ़े, जो बालाजी महाराज की महिमा और उनकी चमत्कारी कृपा का बखान करता है। ???? जय बजरंगबली! जय हनुमान!

Leave a comment