घोटा घोटा मेरे बाला जी का घोटा | Ghota Ghota Mere Balaji Ka Ghota

बालाजी महाराज की भक्ति में ऐसा रस है कि जो एक बार इसे चख ले, वह जीवनभर उसी में मगन हो जाता है। “घोटा घोटा मेरे बाला जी का घोटा” भजन बालाजी के उस अमृत समान प्रसाद का प्रतीक है, जिसे ग्रहण कर भक्तों को अपार आनंद और शांति मिलती है। यह भजन बालाजी की महिमा का बखान करता है और हमें उनकी कृपा से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। जब भक्त सच्चे मन से बालाजी का नाम जपता है, तो उनकी कृपा से हर मुश्किल आसान हो जाती है।

Ghota Ghota Mere Balaji Ka Ghota

घोटा घोटा घोटा मेरे बाला जी का घोटा,
घोटा घोटा घोटा मेरे बाला जी का घोटा……..

जब ये घोटा घुमन लगा,
घुमन लागा घुमन लागा,
काम बनाया मोटा मेरा बाला जी का घोटा……..

जब ये घोटा घुमन लागा,
घुमन लागा घुमन लागा,
फेरा पढ़ गया छोटा मेरे बाला जी का घोटा……

जब भी बाबा घोटा घूमे,
घोटा घूमे घोटा घूमे,
धन का ना होता टोटा मेरे बालाजी का घोटा

मुझ पर बाबा घोटा घूमे,
घोटा घूमे घोटा घूमे,
मैं तेरा बालक छोटा मेरे बाला जी का घोटा……

जिनके घर में घोटा होता,
जिनके घर में घोटा होता,
वो भगत कभी ना रोता मेरे बाला जी का घोटा……

बालाजी महाराज के चरणों में जो समर्पित हो जाता है, उसे फिर किसी और सहारे की जरूरत नहीं पड़ती। “घोटा घोटा मेरे बाला जी का घोटा” भजन ने यदि आपके मन में भक्ति का रस घोल दिया है, तो “संकट मोचन हनुमान अष्टक” भी अवश्य पढ़े, जिसमें वीर हनुमान जी की कृपा और उनकी अपार शक्ति का गुणगान किया गया है। ???? जय बालाजी! जय हनुमान!

Leave a comment