धूम मची है आया बालाजी का उत्सव लिरिक्स

“धूम मची है आया बालाजी का उत्सव” एक भजन है जो बालाजी (श्री बालाजी) के भक्तों के बीच उमंग और खुशी का अनुभव कराता है। यह भजन उनके आने की खुशी और भक्तों के मन में बसी उनकी महिमा को व्यक्त करता है। जब भी बालाजी का उत्सव आता है, हर दिल में आनंद की लहर दौड़ जाती है। यह भजन हमें अपने ईश्वर से जुड़ने और उनकी भक्ति में रमने के लिए प्रेरित करता है।

Dhoom Machi Hai Aaya Balaji Ka Utsav Lyrics

धूम मची है आया,
बालाजी का उत्सव,
झूमे सारा संसार,
देखो नर और नार,
सारे नाच रहे,
धूम मची हैं आया,
बालाजी का उत्सव।1।

चैत सुदी पूनम दिन आया,
झूम रहा संसार हो,
माँ अंजनी के घर आँगन में,
गूंज रही किलकार हो,
गोद लिए माँ लाल को अपने,
निरखे बारम्बार हो,
हौले हौले कपि को,
झुलावे मैया पलना,
झूमे सारा संसार,
देखो नर और नार,
सारे नाच रहे,
धूम मची हैं आया,
बालाजी का उत्सव।2।

डम डम ढोल नगाड़े बाजे,
घर घर बाजे थाल हो,
चांदी के पलने में झूले,
माँ अंजनी का लाल हो,
राम प्रभु का सेवक प्यारा,
दुष्टों का ये काल हो,
आज खिली है माता,
अंजनी की बगिया,
बाबा लिए अवतार,
छाई खुशियाँ अपार,
सारे नाच रहे,
धूम मची हैं आया,
बालाजी का उत्सव।3।

भक्तो का रखवाला है ये,
राम का सेवक ख़ास हो,
शरणागत को मेरा बाबा,
करता नहीं निराश हो,
हाथ दया का रखना बाबा,
‘हर्ष’ करे अरदास हो,
आज लगा है देखो,
भक्तो का मेला,
झूमे सारा संसार,
देखो नर और नार,
सारे नाच रहे,
धूम मची हैं आया,
बालाजी का उत्सव।4।

धूम मची है आया,
बालाजी का उत्सव,
झूमे सारा संसार,
देखो नर और नार,
सारे नाच रहे,
धूम मची हैं आया,
बालाजी का उत्सव।5।

इस भजन में बालाजी के प्रति श्रद्धा और उनके प्रति विश्वास की शक्ति को महसूस किया जा सकता है। इनके भजन अन्य भजन “हनुमान चालीसा” न केवल भक्तों को उत्सव की खुशी का अनुभव कराता है, बल्कि यह भी बताता है कि बालाजी के आशीर्वाद से जीवन में हर कठिनाई से पार पाया जा सकता है।

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