बेगी अइयो रे पवनसुत, बेगी अइयो रे भजन हनुमान जी की कृपा, उनकी तुरंत सहायता और भक्तों की पुकार पर उनकी उपस्थिति को दर्शाता है। जब भी कोई भक्त संकट में होता है और सच्चे मन से बजरंगबली को पुकारता है, तो वे तुरंत उसकी रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं। जिसमें श्रद्धालु हनुमान जी से विनती करता है कि वे शीघ्र आकर अपने भक्तों की रक्षा करें और उनके जीवन के कष्ट हर लें।
Begi Aiyo Re Pawansut Begi Aiyo Re
बेगी अइयो रे पवनसुत,
बेगी अइयो रे॥
शक्ति बाण लगे लक्ष्मण को,
राम धरे ना धीर।
दिन के उगत किरण के फूटत,
प्राण जाएंगे छूट।
पवनसुत बेगी अइयो रे॥
द्रोणागिरी की मूल संजीवन,
लेने गए हनुमान।
मूल संजीवन ला ना पाए,
भरत चला दए बाण।
पवनसुत बेगी अइयो रे॥
भले करे मेरे भरत भैया,
भला चला दए बाण।
उते गिरे मेरे लक्ष्मण भैया,
उते गिरे हनुमान।
पवनसुत बेगी अइयो रे॥
इतने वचन सुने हनुमत के,
भरत रहे सकुचाय।
बैठ जाओ तुम बाण की नोक पे,
अभी देउँ पहुंचाय।
पवनसुत बेगी अइयो रे॥
बेगी अइयो रे पवनसुत,
बेगी अइयो रे॥
Begi Aiyo Re Pawansut Begi Aiyo Re भजन यह संदेश देता है कि भगवान हनुमान अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ते। संकट चाहे जितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर सच्चे मन से हनुमान जी को पुकारा जाए, तो वे तुरंत सहायता के लिए आ जाते हैं। जय श्री राम! जय हनुमान।

I am Shri Nath Pandey and I am a priest in a temple, which is located in Varanasi. I have been spending my life worshiping for the last 6 years. I have dedicated my soul completely to the service of God. Our website is a source related to Aarti, Stotra, Chalisa, Mantra, Festivals, Vrat, Rituals, and Sanatan Lifestyle. View Profile