बालाजी मेहन्दीपुर है सुहाना भजन लिरिक्स

बालाजी मेहंदीपुर है सुहाना भजन हनुमान जी के उस दिव्य स्थान की महिमा का बखान करता है, जहाँ उनके भक्त अपनी परेशानियों और कष्टों को दूर करने के लिए पहुंचते हैं। यह भजन उस अनुभव को दर्शाता है जब भक्त हनुमान जी के आशीर्वाद से अपने जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति करते हैं। मेहंदीपुर बालाजी का यह मंदिर एक अद्वितीय स्थल है जहाँ हर भक्त का दिल भगवान हनुमान के समक्ष समर्पित रहता है।

Balaji Mehandipur Hai Suhana

बालाजी मेहन्दीपुर है सुहाना,
वहाँ मिलता क्या है यह भक्तोँ ने जाना॥
बालाजी … वहाँ मिलता …

बालाजी मेहन्दीपुर है सुहाना,
वहाँ मिलता क्या है यह भक्तोँ ने जाना॥
बालाजी … वहाँ मिलता …

चलते जाओ बाबा के नगर,
दुखड़ोँ की तू परवाह न कर,
मुस्कराते हुए तुम घर को आना॥1॥
वहाँ मिलता … बालाजी …

मन्दिर की है शोभा बड़ी प्यारी,
लाखोँ आते हैँ दर पे नर–नारी,
चरणोँ मेँ झुकता सारा जमाना॥2॥
वहाँ मिलता … बालाजी …

रहता है भण्डार बाबा का खुला,
जिसने भी मांगा उसको ही मिला,
तुम भी झोली अपनी फैलाना॥3॥
वहाँ मिलता … बालाजी …

दु:खड़े अपने हनुमत को सुनाना,
भेँट आँसूओँ की चरणोँ मेँ चढ़ाना,
गीत भी ‘खेदड़’ के बाबा को सुनाना॥4॥
वहाँ मिलता … बालाजी …

बालाजी मेहन्दीपुर है सुहाना,
वहाँ मिलता क्या है यह भक्तोँ ने जाना॥
बालाजी … वहाँ मिलता …

यह भजन हमें याद दिलाता है कि जीवन में जब भी कठिनाइयाँ आ जाएं, हमें हनुमान जी के आशीर्वाद और कृपा पर विश्वास रखना चाहिए। बालाजी मेहंदीपुर की इस पवित्र भूमि पर हर भक्त की प्रार्थना का उत्तर मिलता है। जैसे यह भजन कहता है, यहाँ हनुमान जी का होता है स्वागत, यह पुष्टि करता है कि हनुमान जी के दरबार में हर दिल की आवाज़ सुनाई जाती है। उनकी कृपा से हर बुराई का अंत और हर कष्ट का समाधान संभव हो जाता है।

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