बाबोसा चूरू वाले रिम झिम उतारे तेरी आरती लिरिक्स

बाबोसा चूरू वाले रिम झिम उतारे तेरी आरती एक सुंदर भजन है जो भगवान हनुमान जी की महिमा और उनके प्रति भक्तों की श्रद्धा को व्यक्त करता है। इस भजन में, चूरू के बाबोसा की आरती का वर्णन किया गया है, जो हनुमान जी की पूजा में गाई जाती है। भजन में रिम झिम बारिश की तरह आनंदित मन से हनुमान जी के चरणों में समर्पण की भावना को व्यक्त किया गया है। यह भजन भक्तों के दिलों में हनुमान जी के प्रति अनन्य श्रद्धा और विश्वास को और गहरा करता है।

Babosa Charu Wale Rim Jhim Utare Teri Aarti

देवा बाबोसा चूरू वाले,
भक्तो के है रखवाले
रिम झिम उतारे तेरी आरती,
बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती।।

सिर पे मुकुट कान में कुंडल,
हाथ में सोटा साजे
जग मग जग मग रूप निराला,
जग मग जग मग रूप निराला,
भुत प्रेत सब भागे
जय हो माता छगनी के लाले,
कोठारी कुल के तारे
रिम झिम उतारे तेरी आरती,
बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती।।

बालाजी ने राज तिलक से,
अपनी गोद बिठाया
मृगसर पांचू भरे है मेला,
मृगसर पांचू भरे है मेला
भक्तो के मन है भाया,
सबके मन को हरषाने वाले
विपदा मिटाने वाले,
रिम झिम उतारे तेरी आरती,
बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती।।

भक्ति भाव से करे आरती,
तेरे सारे पुजारी
मन दर्पण में बसों बाबोसा,
मन दर्पण में बसों बाबोसा
कलयुग के अवतारी,
तेरा मंजूदेवी गुण गाये
गोपाला शीश नवाये,
रिम झिम उतारे तेरी आरती,
बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती।।

देवा बाबोसा चूरू वाले,
भक्तो के है रखवाले
रिम झिम उतारे तेरी आरती,
बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती।।

बाबोसा चूरू वाले रिम झिम उतारे तेरी आरती भजन हमें भगवान हनुमान के आशीर्वाद की ओर ले जाता है, जिससे हमारे जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं। इस भजन के माध्यम से हम उनके प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा को प्रकट करते हैं। हनुमान जी के भजनों का यह सफर न केवल उनकी शक्ति और साहस को सम्मानित करता है, बल्कि उनके अद्वितीय रूपों और गुणों की भी पूजा करता है। जैसे कि हमने अन्य भजनों में देखा है, हनुमान जी की कृपा हमें हर संकट से उबारती है। इस भजन से हमारी भक्ति और विश्वास में और भी गहराई आती है, और हम भगवान हनुमान की उपस्थिति को अपने जीवन में महसूस करते हैं।

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