सतगुरु के चरणों की शरण ही सच्ची शांति और आनंद का स्रोत है। “सतगुरु चरणा कोलो कदे दूर हटावी ना” भजन भक्त की उस प्रार्थना को दर्शाता है, जिसमें वह गुरुदेव से विनती करता है कि चाहे कैसी भी परिस्थिति आए, वह कभी उनके चरणों से दूर न हो। यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन की हर कठिनाई में गुरुदेव की शरण में रहना ही हमारा सबसे बड़ा संबल है।
Satguru Charna Kolo Kade Dur Hatai Na Lyrics
सतगुरु चरणा कोलो,
कदे दूर हटावी ना,
तू मैंनू विसर जावे,
ऐसा दिन आवे ना,
सतगुरु सतगुरु सतगुरु,
सतगुरु सतगुरु।।
कर्मा विच लिखदे तू,
साडा मिलना जुलना,
आके दर तेरे ते मस्तक,
अपणा धरणा तू,
साडीयाँ भुल्लां नु,
कदे चेते लावी ना,
तू मैंनू विसर जावे,
ऐसा दिन आवे ना,
सतगुरु सतगुरु सतगुरु,
सतगुरु सतगुरु।।
मतलब दी दुनिया ऐ,
जग एक तमाशा ऐ,
गल हो जावे हल तां,
सबने छड जाना ऐ,
हुन सानू छड के दाता,
कदे दूर तू जावी ना,
तू मैंनू विसर जावे,
ऐसा दिन आवे ना,
सतगुरु सतगुरु सतगुरु,
सतगुरु सतगुरु।।
सुख दुख सब तेरे ने,
कुझ वी नई मेरा ऐ,
मेरे विच कुझ मेरा नई,
दाता सब तेरा ऐ,
सुन अर्ज मेरी फ़रियदा,
कदे दुख विच पावी ना,
तू मैंनू विसर जावे,
ऐसा दिन आवे ना,
सतगुरु सतगुरु सतगुरु,
सतगुरु सतगुरु।।
सतगुरु चरणा कोलो,
कदे दूर हटावी ना,
तू मैंनू विसर जावे,
ऐसा दिन आवे ना,
सतगुरु सतगुरु सतगुरु,
सतगुरु सतगुरु।।
ॐ नमः शिवाय।
गुरुजी सदा सहाय।
गुरुदेव के चरणों में रहना ही सच्चा धन और सच्ची शरण है। यदि यह भजन आपको गुरुदेव के प्रति और अधिक समर्पित कर रहा है, तो “तू देंदा रह मेरे दातेया मैं खावा तेरे नाम दा”, “मुल कित्ती महनता दा पवाई मेरे दातेया”, “आस राखो सतगुरु की” और “गुरुवर के चरणों में मेरा है प्रणाम” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की महिमा का गुणगान करें।

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म