भक्त जब सच्चे मन से माँ दुर्गा के चरणों में अपनी विनती रखता है, तो माँ उसे अवश्य सुनती हैं और अपनी कृपा बरसाती हैं। “ओ दुर्गे मैया सुनले विनती हमारी माई री” भजन भक्त के उसी भावनात्मक आह्वान को दर्शाता है, जहाँ वह माँ से अपनी प्रार्थना स्वीकार करने की गुहार लगाता है। माँ दुर्गा करुणामयी हैं, और जो भी उनके दरबार में सच्चे मन से आता है, उसकी झोली कृपा से भर जाती है।
O Durga Maiya Sunle Vinti Hamari Mai Ri
ओ दुर्गे मैया सुनले,
विनती हमारी माई री,
हो जा हमपे कृपालु,
हो जा हमपे दयालु,
आजा आजा हमारे भी गाँव में,
टूटी मड़ैया की छांव में।।
जहाँ सावन के झूले,
जहाँ बालू के टीले,
और पीपल की,
ठंडी ठंडी छांव में,
छाँव में छाँव में,
आजा आजा हमारे भी गाँव में,
टूटी मड़ैया की छांव में।।
जहाँ शाम सुहानी,
जहाँ रुत मस्तानी,
बाजे घुंघरू बहारों के,
पांव में पांव में,
आजा आजा हमारे भी गाँव में,
टूटी मड़ैया की छांव में।।
जहाँ स्वर्ण सबेरा,
जहाँ सूरज का डेरा,
आजा कागा की तूँ,
कांव कांव में,
कांव में कांव में,
आजा आजा हमारे भी गाँव में,
टूटी मड़ैया की छांव में।।
जहाँ शर्मो हया है,
जहां धर्म और दया है,
आजा राजेन्द्र के,
गाँव की ठाँव में,
ठाँव में ठाँव में,
आजा आजा हमारे भी गाँव में,
टूटी मड़ैया की छांव में।।
ओ दुर्गे मैया सुनले,
विनती हमारी माई री,
हो जा हमपे कृपालु,
हो जा हमपे दयालु,
आजा आजा हमारे भी गाँव में,
टूटी मड़ैया की छांव में।।
गीतकार / गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी।
माँ दुर्गा की महिमा अपरंपार है, और उनकी शरण में आने वाला कभी खाली हाथ नहीं जाता। उनकी कृपा से हर दुख दूर हो जाता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। यदि यह भजन आपकी भक्ति को और गहरा कर दे, तो सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है जैसे अन्य भक्तिमय गीत भी आपकी श्रद्धा को और प्रगाढ़ कर सकते हैं। जय माता दी! 🙏

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म