गुरुदेव मेरी नैया उस पार लगा देना राधा स्वामी जी भजन लिरिक्स

जीवन एक भवसागर के समान है, जहाँ हर कोई अपने-अपने कर्मों की नैया में सफर कर रहा है। इस संसार रूपी सागर को पार करने के लिए हमें एक सच्चे मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है, जो हमें सही दिशा दिखा सके। “गुरुदेव मेरी नैया उस पार लगा देना” भजन इसी भावना को प्रकट करता है, जहाँ भक्त अपने गुरुदेव से प्रार्थना करता है कि वे उनकी नैया को सुरक्षित उस पार लगा दें, जहाँ केवल प्रेम, शांति और आध्यात्मिक सुख का साम्राज्य हो।

Gurudev Meri Naiya Us Par Lga Dena

गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा लेना,
गुरुदेव मेरी नईया,
उस पार लगा देना।।

तुम देव मैं पुजारी,
तुम इष्ट मैं उपासक,
ये बात अगर सच है,
सच कर के दिखा देना,
गुरुदेव मेरी नईया,
उस पार लगा देना।।

दल बल के साथ माया,
घेरे जो मुझे आकर,
तुम देखते ना रहना,
गर आ के बचा लेना,
गुरुदेव मेरी नईया,
उस पार लगा देना।।

मैं मोह झंझटो में,
तुमको ना भूल जाऊँ,
हे नाथ दया करना,
मुझको ना भुला देना,
गुरुदेव मेरी नईया,
उस पार लगा देना।।

गुरुदेव मेरी नैया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा लेना,
गुरुदेव मेरी नईया,
उस पार लगा देना।।

गुरुदेव के बिना यह जीवन अधूरा है, और उनकी कृपा के बिना इस भवसागर को पार कर पाना असंभव है। वे ही हमारे सच्चे मार्गदर्शक हैं, जो हमें सही दिशा में ले जाते हैं और हमें मोक्ष के पथ पर आगे बढ़ाते हैं। यदि यह भजन आपके हृदय को भक्तिभाव से भर रहा है, तो “गुरु रहमत से तर जाएगा”, “उद्धार करो गुरु मेरा गुरुदेव”, “गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना”, और “गुरुजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और अपने गुरुदेव की भक्ति में लीन हो जाएं।









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