भक्ति का सबसे बड़ा धन गुरु के दर्शन और उनकी कृपा होती है। जब भक्त का हृदय गुरु भक्ति से भर जाता है, तो वह सांसारिक इच्छाओं से मुक्त होकर केवल उनके आशीर्वाद का याचक बन जाता है। “दिला दो भीख दर्शन की, गुरू तेरा भिखारी हूँ” भजन इसी समर्पण और विनम्रता को प्रकट करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्चे आनंद और शांति की प्राप्ति केवल गुरु के चरणों में समर्पित होने से ही संभव है। आइए, इस भजन के भावों को अपने हृदय में उतारें और गुरु कृपा की याचना करें।
Dila Do Bhikh Darshan Ki Guru Tera Bhikhari Hu Lyrics
दिला दो भीख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ,
गुरू तेरा भिखारी हूँ,
गुरू तेरा भिखारी हूँ,
दिला दो भिख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ।।
इश्क की दिल में धुन लागी,
बना मैं तब से वैरागी,
भोगों की वासना त्यागी,
फक्त तेरा भिखारी हूँ,
दिला दो भिख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ।।
रमा के खाक सब तन में,
फिरूं मैं ढूंढता वन में,
तेरे दीदार की मन में,
बिना दर्शन दुखारी हूँ,
दिला दो भिख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ।।
करी में धाम चौरासी,
फिरा केदार और काशी,
मिले ना आप अविनाशी,
हुआ हैरान भारी हूँ,
दिला दो भिख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ।।
लगाई आप कहां देरी,
करो सुधि आय के मेरी,
दरश दे मेटद्यो फेरी,
सदा मैं यादगारी हूँ,
दिला दो भिख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ।।
भारती कल्याण यों गावे,
तेरा दीदार मन भावे,
स्वर्ग और मोक्ष नही चावें,
चरण विश्राम धारी हूँ,
दिला दो भिख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ।।
दिला दो भीख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ,
गुरू तेरा भिखारी हूँ,
गुरू तेरा भिखारी हूँ,
दिला दो भिख दर्शन की,
गुरू तेरा भिखारी हूँ।।
गुरु के दर्शन मात्र से ही भक्त का जीवन धन्य हो जाता है, और उनकी कृपा से आत्मा को सच्ची शांति प्राप्त होती है। “दिला दो भीख दर्शन की, गुरू तेरा भिखारी हूँ” भजन इसी समर्पण भाव को जागृत करता है और हमें गुरु चरणों की महिमा का अनुभव कराता है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “गुरु बिना जीवन अधूरा”, “गुरु कृपा से सब संभव”, “गुरु चरणों की महिमा”, और “गुरु ही मोक्ष का द्वार” को पढ़ें और अपनी भक्ति को और प्रगाढ़ करें।

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म