दस्स दे मेरे दातेया मैनू इक थाह लिरिक्स

भक्त का हृदय तब तक शांति नहीं पाता जब तक वह अपने गुरुदेव की शरण में ठिकाना न पा ले। “दस्स दे मेरे दातेया मैनू इक थाह” भजन में वही भाव प्रकट होता है, जहाँ एक भक्त अपने सतगुरु से मार्गदर्शन और स्थायी शरण की याचना करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि जब तक गुरुदेव की कृपा दृष्टि नहीं मिलती, तब तक जीवन अधूरा रहता है।

Dassh De Mere Dateya Mainu Ek Thah Lyrics

नचदी टपदी वस्दी ऐ,
दुनिया एक तमाशा ऐ,
मतलब दे सब संगी साथी,
सबने छड के जाना ऐ,
फडले पलडा मुर्शद दा,
जेड़ा पार लगावन वाला ऐ।

दस्स दे मेरे दातेया,
मैनू इक थाह,
जित्थे मिल-जुल रहन्दा होवे,
हर इक इंसाँ।।

मोह माया ते दुनिया विच,
कोई ग़ैर न होवे,
तेरी मेरी वाला कोई,
हा वैर ना होवे,
दिसण नज़ारे खुशियां दे,
हर इक उस थाह,
जित्थे मिल-जुल रहन्दा होवे,
हर इक इंसाँ।।

ना होवे जगच उदास कोई,
वी ज़िन्दगाणी,
शक्कर वांगूं मिठड़ी होवे,
हा सबदी वाणी,
प्यार भाव सत्कार होवे,
हर इक उस थाह,
जित्थे मिल-जुल रहन्दा होवे,
हर इक इंसाँ।।

मेरी वी सुण लै अर्ज़,
ओ मेरे दातेया,
चरणा दे विच रखले,
मेरे दातेया,
झूठी दुनिया दे विच,
दस्स दे मैनु ओ इक थाह,
जित्थे मिल-जुल रहन्दा होवे,
हर इक इंसाँ।।

दस्स दे मेरे दातेयां,
मैनू इक थाह,
जित्थे मिल-जुल रहन्दा होवे,
हर इक इंसाँ।।

गुरुदेव ही वह दिव्य शक्ति हैं जो हमें सही दिशा दिखाते हैं और अपने चरणों में स्थायी शरण प्रदान करते हैं। यदि यह भजन आपके मन को सुकून देता है, तो “आस राखो सतगुरु की”, “बस एक सहारा तुम गुरुदेव दया करना”, “गुरुवर मेरी ओर अपनी नजरिया रखियो” और “गुरुदेव के चरणों में सौ बार नमन मेरा” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की भक्ति में लीन हों।









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