जीवन के कठिन मार्ग पर जब हर ओर अंधकार छा जाता है, तब केवल गुरुदेव का सहारा ही हमें संबल प्रदान करता है। “बस एक सहारा तुम गुरुदेव दया करना” भजन में भक्त की गहरी प्रार्थना झलकती है, जो अपने गुरुदेव से कृपा और मार्गदर्शन की याचना करता है। जब हम इस भजन को पढ़ते या करते हैं, तो मन में गुरुदेव के प्रति विश्वास और भक्ति की भावना और अधिक प्रबल हो जाती है।
Bas Ak Sahara Tum Gurudev Dya Karna Bhajan Lyrics
बस एक सहारा तुम,
गुरुदेव दया करना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।
नैया मेरे जीवन की,
ये डगमग डोल रही,
तू बनके खिवैया आ,
पतवार लगा देना,
बस एक सहारा तूम,
गुरुदेव दया करना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।
मेरे हृदय बिराजो तुम,
तन मन को सजा दो तुम,
मेरे मन के अंधेरों में,
तुम दिप जला देना,
बस एक सहारा तूम,
गुरुदेव दया करना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।
ये दास पुकार रहा,
गुरु चरण पखार रहा,
गुरु मस्त नाथ मेरे,
भव पार लगा देना,
बस एक सहारा तूम,
गुरुदेव दया करना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।
बस एक सहारा तुम,
गुरुदेव दया करना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।
गुरुदेव की दया से ही जीवन के सारे दुख दूर होते हैं और आत्मा को शांति प्राप्त होती है। उनकी कृपा से हम हर कठिनाई को पार कर सकते हैं। यदि यह भजन आपके हृदय को भाव-विभोर करता है, तो “मैंने सब कुछ पाया गुरुवर तेरा दर्शन पाना बाकी है”, “पूरा ध्यान लगा गुरुवर दौड़े दौड़े आएंगे”, “गुरुवर मेरी ओर अपनी नजरिया रखियो” और “गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की महिमा का गुणगान करें।

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म