तेरा ही लाल हूँ मैं कुछ तो माँ ख़याल करो भजन लिरिक्स

माँ की ममता और कृपा अपार होती है। जब कोई भक्त सच्चे दिल से उन्हें पुकारता है, तो माँ कभी उसे खाली हाथ नहीं लौटातीं। तेरा ही लाल हूँ मैं कुछ तो माँ खयाल करो भजन एक भक्त की करुणा भरी पुकार है, जिसमें वह अपनी माँ से स्नेह, सुरक्षा और आशीर्वाद की गुहार लगाता है। यह भजन माँ के अनमोल प्रेम और भक्त के अटूट विश्वास का एक सुंदर चित्रण करता है, जो हर श्रद्धालु के हृदय को छू जाता है।

Tera Hi Lal Hoon Main Kuchh To Maa Khayal Karo Bhajan Lyrics

तेरा ही लाल हूँ मैं,
कुछ तो माँ ख़याल करो,
बिठा गोद में मुझको भी,
थोड़ा प्यार करो,
तेरा ही लाल हूं मै,
कुछ तो माँ ख़याल करो।।

तुम्हारे प्यार का,
प्यासा ये दिल हमारा है,
मेरी इस नाव का,
तू ही तो माँ किनारा है,
पुकारूं मैं तुझे,
पुकारूं मैं तुझे,
मेरा भी बेड़ा पार करो,
तेरा ही लाल हूं मै,
कुछ तो माँ ख़याल करो।।

हजारो दोष है जिनका,
कोई हिसाब नहीं,
बिखरता पन्ना हूँ मैं तो,
कोई किताब नहीं,
मुझे समेत कर,
मुझे समेत कर,
मैया मेरा उद्धार करो,
तेरा ही लाल हूं मै,
कुछ तो माँ ख़याल करो।।

जहान से तोड़कर रिश्ता,
माँ तुमसे जोड़ लिया,
तू ही बता तूने मुझको,
भला क्यों छोड़ दिया,
तुम अपने प्यार की,
तुम अपने प्यार की,
मुझ पर भी फुहार करो,
तेरा ही लाल हूं मै,
कुछ तो माँ ख़याल करो।।

तेरा ही लाल हूँ मैं,
कुछ तो माँ ख़याल करो,
बिठा गोद में मुझको भी,
थोड़ा प्यार करो,
तेरा ही लाल हूं मै,
कुछ तो माँ ख़याल करो।।

माँ का आशीर्वाद कभी निष्फल नहीं जाता। वह अपने हर भक्त की पुकार सुनती हैं और समय आने पर उसका कल्याण करती हैं। अगर यह भजन आपके मन को भक्ति से भर देता है, तो माँ की महिमा का गुणगान करने वाले ये भजन भी जरूर सुनें: “शरण में आ गया मैया ना खाली हाथ जाऊंगा” और “मैया के चरणों में झुकता है संसार”। माँ की भक्ति में लीन रहिए और उनके प्रेम का आनंद लीजिए। जय माता दी!

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