सलकनपुर की मैया तुम सो कोई नईया देवी जस लिरिक्स

माँ सलकनपुर वाली की महिमा अपार है, और उनके भक्त सच्चे मन से उनकी आराधना करते हैं तो माँ उनकी हर मनोकामना पूर्ण कर देती हैं।सलकनपुर की मैया तुम सो कोई नईया देवी जस भजन माँ की इसी दयालुता और कृपा का वर्णन करता है। यह भजन माँ विजयासन के चमत्कारों और भक्तों पर उनकी असीम कृपा को दर्शाता है।

Salkanpur Ki Maiya Tum So Koi Naiya Devi Jas Lyrics

सलकनपुर की मैया,
तुम सो कोई नईया।।

विजयासन को नाम बड़ो है,
ऊंचे पर्वत भुवन बनो है,
पीपल की ठंडी छैया,
तुम सो कोई नईया।।

गणपति को द्वारे बेठारो,
शिव शंकर करे ध्यान तुम्हारो,
गौरा लेत बलैया,
तुम सो कोई नईया।।

हनुमत लाल ध्वजा फहराये,
भेरों भैरवी नांचे गाये,
खेलत छील बिलैया,
तुम सो कोई नईया।।

मैया सबकी झोली भरती,
मन की आशा पूरी करती,
“पदम्” पड़े तोरे पैंया,
तुम सो कोई नईया।।

सलकनपुर की मैया,
तुम सो कोई नईया।।

लेखक / प्रेषक – डालचन्द कुशवाह”पदम्”

माँ सलकनपुर वाली की भक्ति से हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। माँ के भक्तों के लिए उनका आशीर्वाद ही सबसे बड़ा संबल होता है। यदि यह भजन आपकी श्रद्धा को और गहरा कर दे, तो झूला झूले आम की डाल भवानी झूला झूले जैसे अन्य माँ के भक्तिमय गीत भी आपको भक्ति रस में डुबो सकते हैं। माँ विजयासन की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे! जय माता दी! ????

Leave a comment