सज धज बैठ्या दादीजी लुन राई वारा भजन लिरिक्स

सज धज बैठ्या दादीजी लुन राई वारा एक प्यारा भजन है, जो भक्तों के दिलों में दादीजी की पूजा और आशीर्वाद की महिमा को उजागर करता है। यह भजन दादीजी के बारे में श्रद्धा और समर्पण को व्यक्त करता है। उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है।

Saj Dhaj Baithya Dadiji Lun Raai Wara Bhajan Lyrics

सज धज बैठ्या दादीजी,
लुन राई वारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा।।

निरख निरख श्रृंगार मावड़ी,
मंद मंद मुस्कावे,
मंद मंद मुस्कावे,
कदे चुनड़ी कदे चुड़लो,
मेहंदी निरखती जावे,
मेहंदी निरखती जावे,
दर्शन कर दादीजी का,
वारि वारि जावा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा।।

नौलख हार गले में चमके,
चुड़लो दम दम दमके,
चुड़लो दम दम दमके,
कमर तागड़ी लड़ली लूमा,
पग पैजनिया खनके,
पग पैजनिया खनके,
‘प्रवीण’ सूरत माँ थारी,
मन में बसावा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा।।

सज धज बैठ्या दादीजी,
लुन राई वारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा।।

यह भजन दादीजी के प्रति भक्तों की श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है। उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। यदि आपको यह भजन पसंद आया हो, तो “दादीजी के आशीर्वाद” और “भक्ति भजन” के अन्य गीतों का आनंद लें। जय दादीजी!

Leave a comment