मेरी मैया तुम्हे अर्पण, भला हम क्या करें भजन माँ की महिमा और भक्त की विनम्रता को दर्शाता है। जब भक्त माँ के चरणों में समर्पित हो जाता है, तो उसके पास देने के लिए कुछ भी नहीं बचता, सिवाय अपने प्रेम और भक्ति के। यह भजन हमें माँ की असीम कृपा और भक्त के समर्पण की भावना से जोड़ता है।
Meri Maiya Tumhe Arpan Bhala Hum Kya Karen Bhajan Lyrics
मेरी मैया तुम्हे अर्पण,
भला हम क्या करें,
तुम्हीं से है मेरी दुनिया भला,
दम क्या भरें,
मेरी मैया तुम्हें अर्पण,
भला हम क्या करें।।
न्योछावर कर दूं ये दौलत,
मगर वो दी तुम्हारी है,
लुटा दूं जान अपनी भी,
मगर वो भी तुम्हारी है,
जमाने में जिधर देखूं,
उधर तू ही नज़र आए,
तुम्ही बतलाओ ऐ दाती,
कि अब हम क्या करें,
तुम्हीं से है मेरी दुनिया भला,
दम क्या भरें,
मेरी मैया तुम्हें अर्पण,
भला हम क्या करें।।
चढ़ाऊं फूल तुमको तो,
ये गुलशन भी तुम्हारा है,
खिलाऊं मैवा मिश्री तो,
सकल जग ही तुम्हारा है,
जमीं आकाश शसितारे,
सभी में वास तुम्हारा है,
समझ कुछ भी नहीं आता,
कि अब क्या करें,
तुम्हीं से है मेरी दुनिया भला,
दम क्या भरें,
मेरी मैया तुम्हें अर्पण,
भला हम क्या करें।।
करूं मैं सेवा चरणों की,
यही उम्मीद लाया हूं,
बुझा दो प्यास नैनों की,
तेरे दरबार आया हूं,
भरो झोली मेरी भी माँ,
यही फरियाद लाया हूं,
‘विजय शिव’ की क्षमा करदो खता,
और क्या कहें,
तुम्हीं से है मेरी दुनिया भला,
दम क्या भरें,
मेरी मैया तुम्हें अर्पण,
भला हम क्या करें।।
मेरी मैया तुम्हे अर्पण,
भला हम क्या करें,
तुम्हीं से है मेरी दुनिया भला,
दम क्या भरें,
मेरी मैया तुम्हें अर्पण,
भला हम क्या करें।।
भक्ति में सबसे बड़ा अर्पण सच्चा प्रेम और श्रद्धा होती है, जो माँ के चरणों में समर्पित करने से ही सच्ची शांति मिलती है। यदि यह भजन आपके हृदय को छू गया, तो “बीच भंवर में फँसी मेरी नैया, तुम्ही हो खिवैया माँ” भजन भी अवश्य सुनें, जो माँ के आश्रय की महिमा को दर्शाता है।

मैं मां दुर्गा की आराधना व पूजा-पाठ में गहरी आस्था रखती हूं। प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करती हूं और मां दुर्गा से जुड़े शक्तिशाली मंत्र, दिव्य आरती, चालीसा एवं अन्य पवित्र धार्मिक सामग्री भक्तों के साथ साझा करती हूं। मेरा उद्देश्य श्रद्धालुओं को सही पूजा विधि सिखाना और उन्हें आध्यात्मिक मार्ग पर प्रेरित कर कृपा प्राप्त करने में सहायक बनना है। View Profile