हे अम्बे माँ भवानी दर पे तुम्हारे आये लिरिक्स

हे अम्बे माँ भवानी दर पे तुम्हारे आये भजन माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा और समर्पण को व्यक्त करता है। यह भजन उन भक्तों की भावनाओं को प्रदर्शित करता है जो माँ से अपनी कष्टों से उबारने की प्रार्थना करते हैं। माँ के दरबार में आने से हर दुख-दर्द का निवारण हो जाता है, और भक्तों को सुख-शांति मिलती है।

Hey Ambe Maa Bhawani Dar Pe Tumhare Aaye Lyrics

दर पे तुम्हारे आये,
तेरे सिवा हे मईया,
दुखड़ा किसे सुनायें,
जय जय जय जय अम्बे माँ,
जय जय जय जय अम्बे माँ।।

है क्या कसूर मेरा,
तुमने मुझे बिसारा,
अच्छा हूँ या बुरा हूँ,
बालक हूँ माँ तुम्हारा,
दर छोड़कर तुम्हारा,
कहीं और हम ना जायें।।

है आसरा तुम्हारा,
विश्वास है हमारा,
श्रद्धा और भावना से,
जिसने तुम्हें पुकारा,
सुनकर पुकार तूने,
संकट से है बचाये।।

ना जाने ज़िन्दगी की,
कब डोर टूट जाये,
चरणों से तेरे लौ मेरा,
हरगिज़ न छूट पाये,
रग-रग में तेरी भक्ति,
मन में मेरे समाये।।

जीवन की डोर मेरी,
तेरे है अब हवाले,
फिर कौन ‘परशुराम’ को,
तेरे सिवा संभाले,
किस पे करूँ भरोसा,
दुनिया ने है सताये।।

हे अम्बे माँ भवानी,
दर पे तुम्हारे आये,
तेरे सिवा हे मईया,
दुखड़ा किसे सुनायें,
जय जय जय जय अम्बे माँ,
जय जय जय जय अम्बे माँ।।

लेखक एवं प्रेषक – परशुराम उपाध्याय।
श्रीमानस मण्डल, वाराणसी।

“हे अम्बे माँ भवानी दर पे तुम्हारे आये” भजन में माँ दुर्गा के दरबार में आने की दिव्यता और उनके आशीर्वाद की शक्ति को महसूस किया जाता है। यह भजन यह दर्शाता है कि जब भी कोई भक्त सच्चे मन से माँ से प्रार्थना करता है, तो वह माँ की कृपा से सभी कठिनाइयों से पार हो जाता है। इस भजन के जैसे, [“तेरे द्वार पे आने वालो ने क्या अजब नज़ारा देखा है”](भजन का लिंक) और [“संकट हरनी मंगल करनी कर दो बेड़ा पार”](भजन का लिंक) जैसे भजन भी माँ दुर्गा के आशीर्वाद को अनुभव कराते हैं। माँ की कृपा से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। जय माँ दुर्गा! ????

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