बुहा खोल के माये जरा तक ते ले नरेंद्र चंचल भजन लिरिक्स

बुहा खोल के माये जरा तक ते ले भजन नरेंद्र चंचल जी की मधुर आवाज़ में माँ की करुणा और दयालुता को दर्शाता है। यह भजन भक्त और माँ के बीच के उस प्रेम को प्रकट करता है, जिसमें भक्त माँ के द्वार पर खड़ा होकर उनकी कृपा की प्रतीक्षा करता है। माँ की भक्ति में लीन भक्तों के लिए यह भजन एक भावनात्मक अनुभव देता है और माँ के सानिध्य का एहसास कराता है।

Buha Khol Ke Maye Jara Tak Te Le Narendra Chanchal Bhajan Lyrics

बुहा खोल के माये,
जरा तक ते ले,
तेरे मंदिरा दे वेडे दाती,
कौन आया है,
मान बच्चिया दा अज मायें,
रख ते ले,
तेथो मंगियां मुरादा पान,
कौन आया है।।

खाके ठोकरा जहान दिया,
दुःख सह के,
जामा तन दा भवानी,
लीरो लीर हो गया,
हाल कोई नइयो पुछदा,
निमानिया दा,
तेरे नाम दा दीवाना माँ,
फकीर हो गया,
आके गुफा विचो बाहर हाल,
तक ते ले,
तेनू दुखड़े सुनान दाती,
कौन आया है,
बुहा खोल के मायें,
जरा तक ते ले,
तेरे मंदिरा दे वेडे दाती,
कौन आया है।।

जिथे आसरा मिले माँ,
गम दे मारेया नू,
थक हार के सवाली,
उस दर जांवदा,
हो चोगा पँछिया नू,
जा के जिस थां मिलदा,
बुहे मुड़के उसे दे पंछी,
फेरा पाँवदा,
कोल आके भवानी गल,
सुन ते लै,
गेड़ा रोज दा मुकान,
अज कौन आया है,
बुहा खोल के मायें,
जरा तक ते ले,
तेरे मंदिरा दे वेडे दाती,
कौन आया है।।

तू जे दातिए झोलिया,
कदे ना भरदी,
कोई बनके सवाली,
ना खैर मंगदा,
हो तेरी रहमता दा,
चर्चा जे होंवदा ना,
ना जमाना माँ मुरादा,
अट्ठे पहर मंगदा,
दर डिगिया दी बांह हुन,
फड़ वी लै,
दीपक दर ते जगान,
मायें कौन आया है,
बुहा खोल के मायें,
जरा तक ते ले,
तेरे मंदिरा दे वेडे दाती,
कौन आया है।।

बुहा खोल के माये,
जरा तक ते ले,
तेरे मंदिरा दे वेडे दाती,
कौन आया है,
मान बच्चिया दा अज मायें,
रख ते ले,
तेथो मंगियां मुरादा पान,
कौन आया है।।

माँ हमेशा अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं, बस हमें सच्चे मन से उनका स्मरण करना होता है। यह भजन हमें माँ के आशीर्वाद की शक्ति का अहसास कराता है और उनकी कृपा को पाने की भावना को और भी प्रबल करता है। यदि आपको यह भजन पसंद आया हो, तो “मैं हूँ तेरी बेटी मैया, हर पल गले लगाती हो” और “मैहर की माँ शारदे, तेरा भजन करता हूँ” जैसे भजन भी ज़रूर सुनें, जो भक्तों की माँ के प्रति अटूट श्रद्धा और प्रेम को प्रकट करते हैं।

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