भवानी माँ दया कर दो तुम्हारे द्वार आये है लिरिक्स

भवानी माँ दया कर दो तुम्हारे द्वार आये है भजन माँ भवानी की कृपा और करुणा का सुंदर वर्णन करता है। जब भक्त अपनी समस्त आशाएँ माँ के चरणों में अर्पित कर देते हैं, तो माँ भवानी उन्हें निराश नहीं करतीं। यह भजन उनके दयालु स्वरूप और भक्तों पर बरसाए जाने वाले अपार प्रेम को समर्पित है। माँ भवानी हर संकट में अपने भक्तों का सहारा बनती हैं और उन्हें सन्मार्ग दिखाती हैं।

Bhawani Maa Daya Kar Do Tumhare Dwar Aaye Hai Lyrics

भवानी माँ दया कर दो,
तुम्हारे द्वार आये है,
शिवानी माँ विपति हर लो,
तुम्हारे द्वार आये है।।

ना है दौलत की कुछ आशा,
ना है शोहरत की अभिलाषा,
कृपा का हाथ सर रखदो,
तुम्हारे द्वार आये है।।

तुम्ही ने महिषासुर मारा,
तुम्ही ने ध्यानू को तारा,
हमें भक्ति का एक वर दो,
तुम्हारे द्वार आये है।।

‘पदम्’ इतना दिया माँ ने,
शरण में ले लिया माँ ने,
मेरी वाणी में रस भर दो,
तुम्हारे द्वार आये है।।

भवानी माँ दया कर दो,
तुम्हारे द्वार आये है,
शिवानी माँ विपति हर लो,
तुम्हारे द्वार आये है।।

गायक / प्रेषक – डालचंद कुशवाह पदम।

माँ भवानी की कृपा अपार है, वे अपने भक्तों को कभी खाली हाथ नहीं लौटातीं। जो भी उनके दर पर श्रद्धा से आता है, उसकी झोली भर जाती है। अगर आपको यह भजन अच्छा लगा, तो “शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये” और “बिगड़ी बनाने आजा एक बार मेरी मैया” जैसे अन्य भजनों को भी ज़रूर सुनें और माँ की भक्ति में रम जाएँ। जय माता दी! ????✨

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