अम्बे रानी मात भवानी सिहंवाहिनी जगकल्याणी

अम्बे रानी मात भवानी सिंह वाहिनी जग कल्याणी भजन माँ दुर्गा के दिव्य रूप और उनकी अनंत कृपा का गुणगान करता है। यह भजन भक्तों की श्रद्धा, आस्था और माँ के प्रति अटूट प्रेम को प्रकट करता है। माँ अम्बे, जो सिंह पर विराजमान होकर भक्तों की रक्षा करती हैं और संसार का कल्याण करती हैं, उनकी महिमा का गान इस भजन में सुनाई देता है।

Ambe Rani Maat Bhawani Singhwahini Jagkalyani

अम्बे रानी मात भवानी,
सिहंवाहिनी जगकल्याणी,
जगमग सजी है नगरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।

हे महिषासुर मर्दिनी माता,
जगमंगल हित शक्तिसुमाता,
सुख और वैभव की तू दाता,
सकल जगत तेरे गुण गाता,
तुझसा कोई और न दूजा,
नित हो तेरी घर-घर पूजा,
करती हो सिंह की सवरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।

जो भी खाली झोली लाता,
दर से तेरे खाली न जाता,
भक्त तेरा करता जगराता,
दर्शन कर सौभाग्य को पाता,
हम भी आये आस लगाए,
तेरे ही गुणगान को गाये,
कब लोगी हमरी खबरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।

अम्बे रानी मात भवानी,
सिहंवाहिनी जगकल्याणी,
जगमग सजी है नगरिया,
आये हैं तोहरी दुवरिया,
माँ आये हैं तोहरी दुवरिया।।

माँ अम्बे हमेशा अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं और उनकी हर मुश्किल को हर लेती हैं। उनकी भक्ति से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। यह भजन नवरात्रि और माँ की उपासना के विशेष अवसरों पर भक्तों की आस्था को और मजबूत करता है, यदि आपको यह भजन पसंद आया हो, तो “मैहर की माँ शारदे, तेरा भजन करता हूँ” और “मैं हूँ तेरी बेटी मैया, हर पल गले लगाती हो” जैसे भजन भी ज़रूर सुनें, जो भक्तों की माँ के प्रति प्रेम और समर्पण को प्रकट करते हैं।

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