निज गौरव को निज वैभव को लिरिक्स

निज गौरव को निज वैभव को भजन हमारे देश की समृद्धि और सम्मान की भावना को उजागर करता है। यह भजन हमें अपने देश के गौरव को समझने और उसकी महानता को अपनाने की प्रेरणा देता है। आइए, इस भजन के साथ हम अपने दिलों में देशभक्ति की अग्नि प्रज्वलित करें।

Nij Gaurav Ko Nij Bhaibhav Ko

निज गौरव को निज वैभव को,
क्यों हिन्दू बहादुर भूल गए,
उपदेश दिया जो गीता में।
क्यों सुनना सुनाना भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।।

रावण ने सीया चुराई तो,
हनुमान ने लंका जलाई थी।
अब लाखों सीते हरी गई,
क्यों लंका जलाना भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।
क्यों हिन्दू बहादुर भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।।

कान्हा ने रास रचाया था,
दुष्टों को मार भगाया था।
अब रास रचना याद रहा,
क्यों चक्र चलना भूल गए।
निज गौंरव को निज वैभव को,
क्यों हिन्दू बहादुर भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।।

राणा ने राह दिखाई थी,
शिवराज ने भी अपनाई थी।
जिस राह पर बंदा वीर चला,
उस राह पर चलना भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।
क्यों हिन्दू बहादुर भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।।

केशव की है ललकार यही,
है भारत माँ की पुकार यही।
जिस गोद में पलकर बड़े हुए,
क्यों मान बढ़ाना भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।
क्यों हिन्दू बहादुर भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।।

निज गौरव को निज वैभव को,
क्यों हिन्दू बहादुर भूल गए,
उपदेश दिया जो गीता में।
क्यों सुनना सुनाना भूल गए,
निज गौंरव को निज वैभव को।।

देश के प्रति गर्व और सम्मान से भरा यह भजन निज गौरव को निज वैभव को हमें हमारी सांस्कृतिक धरोहर और देश की शान को याद दिलाता है। इस भावना को और गहरा करने के लिए आप De Di Apni Kurbani Hindustan ke Liye, Kahi Parvat Jhuke Hai Kahi Dariya Ruke Hai Lyrics, Hum Logo Ko Samajh Sako To Samajho Dilbar Jani Lyrics जैसे भजनों को भी पढ़ सकते हैं, जो देशभक्ति की भावना को और प्रबल करते हैं।

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