नन्हा मुन्ना राही हूँ देश का सिपाही हूँ एक प्रसिद्ध और प्रेरणादायक देशभक्ति गीत है, जो हमें यह सिखाता है कि उम्र या आकार का कोई फर्क नहीं पड़ता, जब बात देश के लिए समर्पण और कर्तव्य की हो। इस गीत में एक छोटे से बच्चे की आवाज़ से यह संदेश मिलता है कि हर नागरिक, चाहे वह बच्चा हो या बड़ा, अपने देश के लिए सिपाही बन सकता है और अपनी जिम्मेदारियाँ निभा सकता है।
Nanha Munna Rahi Hu Desh Ka Sipahi Hu
नन्हा मुन्ना राही हूँ,
देश का सिपाही हूँ,
बोलो मेरे संग,
जय हिन्द, जय हिन्द, जय हिन्द।।1।।
रस्ते में चलूंगा न डर-डर के,
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के,
मंज़िल से पहले ना लूंगा कहीं दम,
आगे ही आगे बढाऊँगा कदम,
दहिने बाएं दहिने बाएं, थम?
नन्हा मुन्ना राही हूँ,
देश का सिपाही हूँ।।2।।
धूप में पसीना बहाऊँगा जहाँ,
हरे-भरे खेत लहराएगें वहाँ,
धरती पे फाके न पाएगें जन्म,
आगे ही आगे बढाऊँगा कदम,
दहिने बाएं दहिने बाएं, थम?
नन्हा मुन्ना राही हूँ,
देश का सिपाही हूँ।।3।।
नया है ज़माना मेरी नई है डगर,
देश को बनाऊँगा मशीनों का नगर,
भारत किसी से रहेगा न कम,
आगे ही आगे बढाऊँगा कदम,
दहिने बाएं दहिने बाएं, थम?
नन्हा मुन्ना राही हूँ,
देश का सिपाही हूँ।।4।।
बड़ा हो के देश का सहारा बनूंगा,
दुनिया की आँखो का तारा बनूंगा,
रखूँगा ऊँचा तिरंगा परचम,
आगे ही आगे बढाऊँगा कदम,
दहिने बाएं दहिने बाएं, थम?
नन्हा मुन्ना राही हू,
देश का सिपाही हूँ।।5।।
शांति की नगरी है मेरा ये वतन,
सबको सिखाऊँगा मैं प्यार का चलन,
दुनिया मे गिरने न दूँगा कहीं बम,
आगे ही आगे बढाऊँगा कदम,
दहिने बाएं दहिने बाएं, थम?
नन्हा मुन्ना राही हू,
देश का सिपाही हूँ।।6।।
नन्हा-मुन्ना राही हूँ,
देश का सिपाही हूँ,
बोलो मेरे संग,
जय हिन्द, जय हिन्द, जय हिन्द।।7।।
गुरु देव जी के भजन हमें देश के प्रति निष्ठा और समर्पण की गहरी भावना से भरते हैं। नन्हा मुन्ना राही हूँ देश का सिपाही हूँ जैसे भजन हमें यह सिखाते हैं कि हम चाहे जितने छोटे क्यों न हों, अपने देश की सेवा में बड़ा योगदान दे सकते हैं। गुरु देव जी के अन्य भजन जैसे Chhoro Kal Ki Baat Kal Ki Baat Purani – Deshbhakti Geet, Har Karam Apna Karenge Aye Vatan Tere Liye, Sare Jag Se Pyara Hai Apna Vatan भी हमें देश के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। इन भजनों के माध्यम से हम अपने दिलों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत कर सकते हैं, ताकि हम हमेशा अपने देश की सेवा में तत्पर रहें।