हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए देशभक्ति गीत लिरिक्स

हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए देशभक्ति गीत हमारे देश के प्रति समर्पण और निष्ठा की भावना को उजागर करता है। यह गीत हमें अपने वतन के लिए हर कार्य पूरी लगन और प्रेम से करने की प्रेरणा देता है। आइए, इस गीत के माध्यम से देशभक्ति की गहराई को महसूस करें।

Har Karam Apna Karenge Aye Vatan Tere Liye – Deshbhakti Geet Lyrics

हर करम अपना करेंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।
दिल दिया है जां भी देंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।।

तू मेरा कर्मा तू मेरा धर्मा,
तू मेरा अभिमान है।
ऐ वतन मेहबूब मेरे,
तुझपे दिल कुर्बान है।
हम जिऐंगे और मरेंगे,
ऐ वतन तेरे लिए,।
दिल दिया है जां भी देंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।।

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई,
हमवतन हमनाम हैं।
जो करे इनको जुदा,
मज़हब नहीं इल्जाम है
हम जिऐंगे और मरेंगे।
ऐ वतन तेरे लिए,
दिल दिया है जां भी देंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।।

तेरी गलियों में चलाकर,
नफ़रतों की गोलियां।
लूटते हैं सब लुटेरे,
दुल्हनों की डोलियां,
लुट रहा है आंप वो,
अपने घरों को लूट कर।
खेलते हैं बेखबर,
अपने लहू से होलीयां
हम जिऐंगे और मरेंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।
दिल दिया है जां भी देंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।।

हर करम अपना करेंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।
दिल दिया है जां भी देंगे,
ऐ वतन तेरे लिए।।

देश के प्रति समर्पण और कर्मठता की प्रेरणा देने वाला यह गीत हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए हमारे देश प्रेम को और सशक्त बनाता है। इसी श्रृंखला में आप छोड़ो कल की बातें कल की बात पुरानी देशभक्ति गीत लिरिक्स, नन्हा मुन्ना राही हूँ देश का सिपाही हूँ देशभक्ति गीत लिरिक्स, इन्साफ की डगर पे बच्चों दिखाओ चलके देशभक्ति गीत लिरिक्स को भी पढ़ सकते हैं, जो देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करते हैं।

Leave a comment