धरती सुनहरी अंबर नीला देशभक्ति गीत लिरिक्स

धरती सुनहरी अंबर नीला देशभक्ति गीत भारत की प्राकृतिक सुंदरता और उसकी विशालता का अद्भुत चित्रण करता है। यह गीत हमें अपनी मातृभूमि की महत्ता और उसकी सुरक्षा के लिए जागरूक करता है। आइए, इस गीत के माध्यम से देश की शोभा का आनंद लें।

Dharati Sunhari Ambar Nila Deshbhakti Geet Lyrics

धरती सुनहरी अंबर नीला,
हर मौसम रंगीला….
ऐसा देस है मेरा,
हाँ ऐसा देस है मेरा,
बोले पपीहा कोयल गाये…
सावन घिर घिर आये,
ऐसा देस है मेरा,
हो ऐसा देस है मेरा।।

गेंहू के खेतों में,
कंघी जो करे हवाएं…
रंग बिरंगी कितनी,
चुनरियाँ उड़-उड़ जाएं,
पनघट पर पनिहारन…
जब गगरी भरने आये,
मधुर मधुर तानों में,
कहीं बंसी कोई बजाए,
तो सुन लो,
क़दम-क़दम पे है मिल जानी हो ओ…
क़दम-क़दम पे है मिल जानी,
कोई प्रेम कहानी…
ऐसा देस है मेरा,
हो ऐसा देस है मेरा।।

बाप के कंधे चढ़ के,
जहाँ बच्चे देखे मेले…
मेलों में नट के तमाशे,
कुल्फ़ी के चाट के ठेले,
कहीं मिलती मीठी गोली…
कहीं चूरन की है पुड़िया,
भोले-भोले बच्चे हैं,
जैसे गुड्डे और गुड़िया,
इनको रोज़ सुनाये दादी नानी…
इनको रोज़ सुनाये दादी नानी हो ओ,
इक परियों की कहानी,
ऐसा देस है मेरा,
हाँ ऐसा देस है मेरा।।

मेरे देस में मेहमानों को,
भगवान कहा जाता है…
वो यहीं का हो जाता है,
जो कहीं से भी आता है,
तेरे देस को मैंने देखा…
तेरे देस को मैंने जाना,
जाने क्यूँ ये लगता है,
मुझको जाना पहचाना…
यहाँ भी वही शाम है वही सवेरा हो ओ,
यहाँ भी वही शाम है वही सवेरा,
ऐसा ही देस है मेरा…
जैसा देस है तेरा,
हाँ ऐसा देस है मेरा,
हो ऐसा देस है मेरा।।

धरती सुनहरी अंबर नीला,
हर मौसम रंगीला,
ऐसा देस है मेरा…
हाँ ऐसा देस है मेरा,
बोले पपीहा कोयल गाये,
सावन घिर घिर आये…
ऐसा देस है मेरा,
हो ऐसा देस है मेरा।।

प्राकृतिक सौंदर्य और देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण यह गीत धरती सुनहरी अंबर नीला हमें अपने वतन के प्रति गर्व और सम्मान की भावना से भर देता है। इसी क्रम में आप अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं देशभक्ति गीत लिरिक्स, है प्रीत जहाँ की रीत सदा देशभक्ति गीत लिरिक्स, हम लाये हैं तूफ़ान से किश्ती निकाल के देशभक्ति गीत लिरिक्स के को भी पढ़ सकते हैं, जो हमारे देश प्रेम को और प्रगाढ़ करते हैं।

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