आया बुलावा भारत माँ का मेरा ही नाम प्रथम लिखा है भजन हमारे देश के वीरों की शौर्य गाथा और मातृभूमि के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। यह भजन हर देशभक्त के दिल में देश सेवा की भावना को प्रज्वलित करता है। आइए, इस भजन के माध्यम से हम अपने कर्तव्य और देश प्रेम को और मजबूत करें।
Aaya Bulawa Bharat Maa Ka Mera Hi Naam Pratham Likha Hai
आया बुलावा भारत माँ का,
मेरा ही नाम प्रथम लिखा है,
लक्ष्मण रेखा पर सरहद की,
आज किसी ने कदम रखा है।।
आज नादान ना कहना,
भावना में मत बहना,
दुश्मनों की ये हरकत,
हो गई मुझे असहना,
अरे मां आज ललन को,
उठा छोटी सी गन मां,
द्वारा करे ना हिम्मत,
कुचलना चाहूं फन मां,
मिटना सदा से इस माटी पर,
हमने अपना धरम रक्खा है,
लक्ष्मण रेखा पर सरहद की,
आज किसी ने कदम रखा है।।
आंच आंचल पे ना आये,
कर दूं कुर्वान वतन को,
रहे क्यों उजार ये गुलशन,
न्यौछावर गुल गुलशन को,
कसम खाके मां तेरी,
ये बेडा मैने उठाया,
हाथ काटूगां दोनो,
तिरंगा जिसने झुकाया,
भेजूंगा दुश्मन को वहां मां,
खाली मुल्क अदम रक्खा है,
लक्ष्मण रेखा पर सरहद की,
आज किसी ने कदम रखा है।।
ये हिन्दुस्तान का बच्चा,
श्री जय मन का सच्चा,
आज दुश्मन को मिटाने,
चवा जायेगा कच्चा,
देश की सेवा और शौर्य का प्रतीक यह भजन आया बुलावा भारत माँ का मेरा ही नाम प्रथम लिखा है हमें अपने देश के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए आप आजादी की दुल्हन का श्रृंगार अभी तक बाकी है लिरिक्स, जन्नत से प्यारा भारत हमारा लिरिक्स, निज गौरव को निज वैभव को लिरिक्स को भी पढ़ सकते हैं, जो देश प्रेम की भावना को और प्रगाढ़ करते हैं।