मेरे संग संग चलती दादी की परछाई देखी हैं
Mere Sang Sang Chalti Dadi Ki Parchayi Dekhi Hai संकट में झुँझन वाली की,सकलाई देखी है,मेरे संग संग चलती,दादी की परछाई देखी है,मेरे संग संग चलती,दादी की परछाई देखी हैं…. कोई राह नज़र ना आए,जब छाए गम के बादल,सर पे महसूस किया है,मैंने दादी का आँचल,माँ की चुनड़ी मेरे सर पे,माँ की चुनड़ी मेरे सर … Read more