हमे प्राण से भी प्यारी तू छाजल अमरी माँ
Hume Pran Se Bhi Pyari Tu Chhajal Amari Maa रहे भगतो के सिर पे सदा तेरी चुनडी माँहमे प्राण से भी प्यारी तू छाजल अमरी माँ एक तो तेरा भवन रामघड दूजा फ़तेह पुर धामजिस ने शीश जुकाया आ कर उस के बन गए कामदोनों है धाम तेरे है पावन नगरी माँहमे प्राण से भी … Read more