गणेश संकट नाशन स्तोत्र | Ganesh Sankat Nashan Stotram : खुशियों और समृद्धि का आशीर्वाद

Ganesh Sankat Nashan Stotram !! ॐ श्री गणेशायनमः !! प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम... भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये !! 1 !! प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम... तृतीयं कृष्णं पिङा्क्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम !! 2 !! लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च... सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टकम् !! 3 !! नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम ... एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम !! 4 !! द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेन्नर:... न च विघ्नभयं तस्य सर्वासिद्धिकरं प्रभो !! 5 !! विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ... पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् !! 6 !! जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै: फलं लभेत्... संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: !! 7 !! अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वां य: समर्पयेत... तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत: !! 8 !! !! इति श्रीनारदपुराणे संकष्टनाशनं गणेशस्तोत्रं सम्पूर्णम्‌ !!

यह गणेश संकट नाशन स्तोत्र बहुत प्रसिद्ध और प्रिय स्तोत्र भगवान गणेश की आराधना के लिए किया जाता है। जो संकटों को दूर करने में हमारी सहायता करता है। इस स्तोत्र का पाठ कुछ खास पलों पर किया जाता है, जैसे कि गणेश चतुर्थी और अन्य शुभ कार्यों की पूजा के लिए Ganesh Sankat Nashan … Read more