माँ ब्रह्मचारिणी मंत्र नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा और साधना के लिए उच्चारित किया जाने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र मंत्र है। नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा विशेष रूप से की जाती है।Maa Brahmacharini Mantra का जाप करने से साधक के मन और मस्तिष्क को शांति मिलती है तथा मन की एकाग्रता बढ़ती है। यह मंत्र व्यक्ति के भीतर धैर्य, संयम और भक्ति की भावना उत्पन्न करता है।
साथ ही, इस मंत्र के नियमित जाप से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और उसे अपने कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा से साधक को मानसिक शांति, आत्मबल और मनचाही इच्छा की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। हमने आपकी सुविधा के लिए Maa Brahmacharini Mantra In Hindi को यह दिया है-
Maa Brahmacharini Mantra
बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रूं ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
ब्रह्मचारिणी माता मंत्र
दधाना करपद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलु,
देवी प्रसिदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी,
सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते॥
ओम देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

इसलिए यदि कोई व्यक्ति आत्मविश्वास, संयम, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्राप्त करना चाहता है तो उसे Maa Brahmacharini ka Mantra का जाप अवश्य करना चाहिए। यह मंत्र जीवन के सभी संकटों को दूर कर भक्त के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग खोलता है।
ब्रह्मचारिणी माता के मंत्र जाप की विधि
इस मंत्र का नियमित जाप करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनचाही इच्छा पूर्ण होती है। आइए जानते हैं कि माँ ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप कैसे करें।
- स्नान : सबसे पहले प्रातः काल स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर बैठें। माँ ब्रह्मचारिणी की मूर्ति या तस्वीर के समक्ष दीपक जलाएं और भोग अर्पित करें। मन को शांत करते हुए पूरी भक्ति के साथ माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान करें।
- शुद्ध उच्चारण: अब माँ माँ ब्रह्मचारिणी मंत्र का शुद्ध उच्चारण करें। मंत्र का कम से कम 108 बार (1 माला) जाप करें। जाप के दौरान पूरी श्रद्धा और भक्ति बनाए रखें।
- रुद्राक्ष माला: यदि संभव हो तो रुद्राक्ष माला का उपयोग करें। माला के प्रत्येक मोती पर मंत्र का जाप करें। इससे मंत्र का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।
- भोग अर्पित: मंत्र जाप के बाद माँ ब्रह्मचारिणी को गुड़ और धनिया का भोग अर्पित करें। इसके बाद हाथ जोड़कर माता से अपने जीवन में शांति, धैर्य और आत्मविश्वास प्रदान करने की प्रार्थना करें।
- नियमितता: यदि आप माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा शीघ्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करें। नवरात्रि के नौ दिनों तक नियमित जाप करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
इसलिए यदि आप अपने जीवन में शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा चाहते हैं, तो नियमित रूप से Maa Brahmacharini Ka Mantra का जाप करें और माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा प्राप्त करें।
FAQ
मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?
माँ ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप न्यूनतम 108 बार करना चाहिए। समय के अभाव में प्रतिदिन 5 माला या 11 माला जाप करना उत्तम माना जाता है।
मंत्र का जाप किस समय करना चाहिए?
माँ ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप करने का सबसे उत्तम समय ब्राह्म मुहूर्त (सुबह 4 बजे से 6 बजे) का होता है।
ब्रह्मचारिणी माँ का मंत्र का जाप करने से क्या लाभ मिलता है?
माँ ब्रह्मचारिणी मंत्र के जाप से जीवन में धैर्य, संयम, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
क्या नवरात्रि के अलावा भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं?
हां, नवरात्रि के अलावा भी आप माँ ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप कर सकते हैं। विशेषकर मंगलवार और शुक्रवार के दिन इस मंत्र का जाप करने से शीघ्र शुभ फल प्राप्त होते हैं।
क्या माँ के मंत्र का जाप रुद्राक्ष माला से करना आवश्यक है?
नहीं, लेकिन यदि आप रुद्राक्ष माला का उपयोग करते हैं तो मंत्र का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile