भक्ति में जब प्रेम और सरलता का समावेश होता है, तब हर शब्द में माधुर्य भर जाता है। बोल सुवा राम राम मीठी मीठी वाणी रे भजन हमें प्रभु श्री राम के नाम की महिमा का एहसास कराता है। इस भजन के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि जीवन में प्रभु का नाम जितना अधिक जपा जाएगा, उतनी ही आत्मा निर्मल और आनंदित होगी।
Bol Suva Ram Ram Meethi Vani Re
दोहा
राम किया सुख उपजे,
और कृष्ण किया दुःख जाय।
एक बार हरी ॐ रटे,
तो भव बंधन मिट जाय।।
बोल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।
बोंल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।।
सोने के डाल सुवा,
पिंजरों घलाउ रे।
पिंजरे में मोत्यां वाली,
झालरी लगाउ रे।
बोंल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।।
चंपा के डाल सुवा,
हिंडोरो घलाउ रे।
हिंडोरे बिठा में थाने,
हाथ स्यु हिंडावु रे।
बोंल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।।
घिरत मिठाई सुवा,
लापसी बनाऊ रे।
आँवले रो रस तने,
घोल घोल पावू रे।
बोंल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।।
पगलिया रे माई तने,
पजड़िया पहनाऊ रे।
मीरा गिरधारी सरने,
आया सुख पाऊ रे।
बोंल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।।
बोंल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।
बोंल सुवा राम राम,
मीठी मीठी वाणी रे।।
श्री राम का नाम ही वह अमृत है, जो जीवन को सुख और शांति से भर देता है। यह भजन हमें प्रेम, भक्ति और सरलता का महत्व समझाता है। इसी आनंद को और अधिक महसूस करने के लिए राम नाम की लूट लूट लो जितना चाहे, राम के गीत सुनाते चलो और मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम जैसे अन्य भजनों को भी अवश्य पढ़ें और भक्ति के सागर में गोता लगाएँ। जय श्री राम! ????????