बटुक भैरव, भगवान शिव का बाल स्वरूप माने जाते हैं, जो साधक को भय, तंत्रिक बाधाओं और अदृश्य संकटों से रक्षा प्रदान करते हैं। बटुक भैरव गायत्री मंत्र न केवल आध्यात्मिक सुरक्षा देता है, बल्कि तंत्र और उपासना में सफलता के लिए अत्यंत उपयोगी माना जाता है। यहां आपके लिए Batuk Bhairav Gayatri Mantra का सही उच्चारण और जाप विधि प्रस्तुत की गई है-
Batuk Bhairav Gayatri Mantra
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय,
कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा॥
अर्थ- हे देव! आपदाओं (संकटों) से मेरी रक्षा करें, मेरा उद्धार करें। आप शीघ्रता से मेरी सहायता करें और मेरे जीवन से सभी बाधाएँ व नकारात्मक ऊर्जा दूर करें।

यदि आप अपने जीवन से भय, बाधा और नकारात्मकता को हटाना चाहते हैं, तो बटुक भैरव गायत्री मंत्र का विधिपूर्वक जाप अत्यंत लाभकारी होगा। इसके साथ ही, आप काला भैरव गायत्री मंत्र, शिव गायत्री मंत्र और रुद्र गायत्री मंत्र का भी नियमित रूप से जाप कर सकते हैं, जो साधक को अद्भुत शक्ति, संतुलन और आत्मिक तेज प्रदान करते हैं।
मंत्र जाप करने की प्रभावशाली विधि
- स्नान: प्रातःकाल या रात्रि में स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। काले या गहरे नीले वस्त्र बटुक भैरव को विशेष प्रिय माने जाते हैं।
- शुद्ध स्थान: पूजा के लिए एक शांत और एकांत स्थान चुनें और वहां बटुक भैरव जी की मूर्ति या फोटो को लाल या काले कपड़े पर स्थापित करें।
- दीपक जलाएं: बटुक भैरव को सरसों का तेल अति प्रिय होता है। इसलिए उनके सामने एक दीपक में सरसों का तेल भरकर दीप प्रज्वलित करें।
- कुत्ते को भोजन: भैरव बाबा का वाहन कुत्ता माना जाता है। इसलिए जाप से पहले किसी काले कुत्ते को रोटी, दूध या गुड़ खिलाना शुभ माना जाता है।
- प्रार्थना करें: आंखें बंद कर के मन को शांत करें और भगवान बटुक भैरव का ध्यान करें और उनसे अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु प्रार्थना करें।
- जाप करें: रुद्राक्ष की माला से Batuk Bhairav Gayatri Mantra का 108 बार जाप करें। यदि नियमित रूप से 11, 21 या 40 दिन तक किया जाए तो अत्यंत फलदायी होता है।
- भोग: मंत्र जाप के पश्चात भैरव बाबा को गुड़, चने या नारियल का भोग अर्पित करें और आरती करें। भोग के बाद मंत्र का एक बार पुनः उच्चारण करें।
FAQ
अमावस्या, अष्टमी या भैरव अष्टमी को प्रारंभ करना श्रेष्ठ रहता है, परंतु शुभ मुहूर्त में कभी भी आरंभ किया जा सकता है।
हाँ, विशेषकर रात्रि में जाप करने से बटुक भैरव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
हाँ, यह मंत्र सभी के लिए है, बशर्ते मन में श्रद्धा और नियम हो।
नहीं, यह मंत्र सभी भक्तों के लिए है। श्रद्धा और नियम के साथ जाप करने वाला कोई भी व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है।
यदि किसी दिन जाप न हो पाए तो अगले दिन क्षमा याचना कर के फिर से नियमित रूप से जाप करें। भैरव बाबा क्षमाशील हैं।