बता दो हनुमान कैसे लंका जली एक भक्ति भजन है जो भगवान हनुमान के अद्वितीय साहस और उनकी शक्तियों को उजागर करता है। इस भजन में हनुमान जी द्वारा लंका जलाने की घटना का वर्णन किया गया है, जो रामायण के एक महत्वपूर्ण प्रसंग से जुड़ी है। जब हनुमान जी ने राक्षसों से राम जी की पत्नी सीता की मुक्ति के लिए लंका में आग लगाई, तो यह उनके साहस और शक्ति का प्रतीक बन गया।
Bata Do Hanuman Kaise Lanka Jali
तेरी गर्जना से मची खलबली।
बता दो हनुमान कैसे लंका जली,
बता दो हनुमान कैसे लंका जली।।
चला मैं निशानी ले प्रभु राम की।
जहाँ बैठी थी मेरी माँ जानकी,
दिखाई जो मुंदरी तो व्याकुल हुई।
हुई उनको चिंता मेरी जान की,
असुरो से भरी लंका की गली।
बता दो हनूमान कैसे लंका जली,
बता दो हनुमान कैसे लंका जली।।
लगी भूख मुझको बड़ी ज़ोर से।
देखी रावण की बगिया बड़े गौर से,
फल थे सुंदर बड़े उनको खाने लगा।
मुझको आज्ञा मिली मैया की ओर से,
जंबो माली को ये हरकत मेरी खली।
बता दो हनूमान कैसे लंका जली,
बता दो हनुमान कैसे लंका जली।।
मैं भूखा था सैनिक अकड़ने लगे।
मेरे साथ आकर झगड़ने लगे,
लिया पंगा है मुझसे लगे मारने।
मेरे सोटेअसुरो पे पड़ने लगे,
सूचना इसकी जब रावण को मिली।
बता दो हनूमान कैसे लंका जली,
बता दो हनुमान कैसे लंका जली।।
भेजा अक्षय मेरे हाथ मारा गया,
जो भी आया था सन्मुख संहारा गया।
लड़ने मुझसे वहा मेघनाथ आ गया,
साथ लेकर के वो ब्रह्मपास आ गया।
बांध मुझको घुमाया लंका की गली,
बता दो हनूमान कैसे लंका जली,
बता दो हनुमान कैसे लंका जली।।
मुझको रावण के सन्मुख है लाया गया,
फ़ैसला मिलके मुझको सुनाया गया।
जो तबाही मचाई है इस दूत ने,
लगा दो मिलके आग इसकी पूछ में।
आ गया क्रोध जब पूंछ मेरी जली,
आ गया क्रोध जब पूंछ मेरी जली।
देखो जी श्रीमान ऐसे लंका जली,
देखो जी श्रीमान ऐसे लंका जली।।
प्रभु की सेवा में जो बाधा पहुंचाएगा,
फिर मेरे क्रोध से वो ना बच ना पाएगा।
‘बेधड़क’ जो शरण राम के आएगा,
‘रोमी’ किरपा सदा राम की पाएगा।
जग की माया से प्रभु की सेवा भली,
देखो जी श्रीमान ऐसे लंका जली,
देखो जी श्रीमान ऐसे लंका जली।।
तेरी गर्जना से मची खलबली।
बता दो हनुमान कैसे लंका जली,
बता दो हनुमान कैसे लंका जली।।
बता दो हनुमान कैसे लंका जली भजन भक्तों को यह सिखाता है कि भगवान हनुमान का साहस और शक्ति असीमित हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त भगवान हनुमान से प्रेरणा लेते हैं और यह महसूस करते हैं कि यदि भगवान हनुमान की कृपा उनके साथ है, तो वे किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। हनुमान जी का यह साहसी कार्य हमें यह भी याद दिलाता है कि जब तक हम भगवान के प्रति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास रखते हैं, तब तक हमें किसी भी स्थिति में डरने की आवश्यकता नहीं है।