बजरंगबली संकट काटो, तेरे द्वार खड़े हम दीनन के भजन भक्तों की अटूट श्रद्धा और हनुमान जी की कृपा को दर्शाता है। इस भजन में एक भक्त अपनी विनम्र प्रार्थना के साथ हनुमान जी के चरणों में समर्पित होता है, उन्हें संकटमोचक के रूप में पुकारता है और अपनी सभी परेशानियों का निवारण करने की याचना करता है। यह भजन भक्तों के हृदय में विश्वास और भक्ति की ज्योति प्रज्वलित करता है, जिससे वे अपने जीवन के हर कठिन मोड़ पर हनुमान जी की शरण में आकर समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
Bajarangbali Sankat Kato Tere Dwar Khade Hum Dinan Ke Lyrics
बजरंगबली संकट काटो,
तेरे द्वार खड़े हम दीनन के,
हम दीन दुखी हैं निर्बल हैं,
पर प्रेमी हैं तेरे चरनन के।1।
दुख के बादल घिर आये हैं,
चहुँ और है छाया अंधियारा,
अब आन हरो सबकी पीरा,
तुम नाथ पवन सुत जन जन के,
बजरंगबली संकट काटों,
तेरे द्वार खड़े हम दीनन के।2।
नही तुम बिन कोई हमारा है,
बस तू ही एक सहारा है,
अब आन करो सब काज सफल,
जस काज करे रघुनंदन के,
बजरंगबली संकट काटों,
तेरे द्वार खड़े हम दीनन के।3।
तेरे हृदय में राम बसे,
हम राम चरन के अनुरागी,
है शपथ तुम्हें सितावर की,
सब ताप हरो रघुनन्दन के,
बजरंगबली संकट काटों,
तेरे द्वार खड़े हम दीनन के।4।
जो जप तुम्हारा किया करें,
उन्है रोग द्वेष न छू पाये,
‘राजेन्द्र’ कहे हनुमान प्रभो,
जस ताप हरे तुम लक्ष्मण के,
बजरंगबली संकट काटों,
तेरे द्वार खड़े हम दीनन के।5।
बजरंगबली संकट काटो,
तेरे द्वार खड़े हम दीनन के,
हम दीन दुखी हैं निर्बल हैं,
पर प्रेमी हैं तेरे चरनन के।6।
“बजरंगबली संकट काटो, तेरे द्वार खड़े हम दीनन के” भजन हमें पूर्ण समर्पण और निष्ठा की राह दिखाता है। इनके भजन “हनुमान भजन” से ही भक्त को जीवन में स्थायी शांति, सुरक्षा और आध्यात्मिक उत्थान प्राप्त होता है। जब हम अपने अहंकार और मोह को त्यागकर हनुमान जी के चरणों में स्वयं को अर्पित करते हैं, तब वे हमारी सभी बाधाओं को हर लेते हैं और हमें सच्चे मार्ग पर चलने का आशीर्वाद देते हैं। इस भजन का संदेश यही है—संकट चाहे जितना भी बड़ा हो, हनुमान जी का आश्रय लेने पर वह क्षणभर में समाप्त हो जाता है।