Sunderkand Lyrics | सुंदरकांड लिरिक्स

सुंदरकांड लिरिक्स, रामचरितमानस का एक अद्वितीय और प्रेरणादायक अध्याय है, जिसे पढ़ने और सुनने से मन को अपार शांति और शक्ति मिलती है। यह भगवान हनुमान की अद्वितीय वीरता, भक्ति और समर्पण की कथा है, जिसमें वे लंका की यात्रा कर सीता माता का पता लगाते हैं। Sunderkand Lyrics का पाठ करने से केवल धार्मिक … Read more

Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics

Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics | आरती कुंज बिहारी की लिरिक्स : बांके बिहारी की गुणगान

यह आरती कुंज बिहारी की लिरिक्स से हम लोग बांके बिहारी की गुणगान करते है। बाकें बिहारी को श्री कृष्णा के नाम से भी जाना जाता है जो प्रेम, त्याग के प्रतिक के रूप में जाने जातें है। Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics में कृष्णा के सुन्दर रूप और श्रृंगार का वर्णन किया गया है जो किसी भी … Read more

कृष्णा जी की आरती आरती कुंजबिहारी की.. श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। आरती कुंजबिहारी की... श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजंती माला बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल झलकाला नंद के आनंद नंदलाला। गगन सम अंग कांति काली राधिका चमक रही आली। लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक – कस्तूरी तिलक – चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। आरती कुंजबिहारी की… कनकमय मोर मुकुट बिलसै देवता दरसन को तरसैं। गगन सों सुमन रासि बरसै बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग अतुल रति गोप कुमारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की। आरती कुंजबिहारी की… जहां ते प्रकट भई गंगा सकल मन हारिणि श्री गंगा। स्मरन ते होत मोह भंगा बसी शिव सीस – जटा के बीच – हरै अघ कीच चरन छवि श्रीबनवारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की । आरती कुंजबिहारी की… चमकती उज्ज्वल तट रेनू बज रही वृंदावन बेनू । चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू हंसत मृदु मंद – चांदनी चंद – कटत भव फंद, टेर सुन दीन दुखारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की। आरती कुंजबिहारी की… आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की।

Krishna Ji ki Aarti | कृष्णा जी की आरती : श्रद्धा में वृद्धि

कृष्णा जी की आरती हिंदू धर्म में श्री कृष्ण की महिमा का गुणगान करने वाली एक पवित्र भक्ति-रचना है। कृष्ण, जिन्हें कान्हा, बांसुरी वाला आदि नामो से पुकारा जाता है, प्रेम, त्याग और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं।  krishna ji ki aarti का गायन उनके प्रति श्रद्धा, भक्ति और आभार प्रकट करने का एक … Read more

Ram Ji Ki Aarti | राम जी की आरती : अच्छे कर्मों के प्रति प्रोत्साहित

राम जी की आरती आपके जीवन को नई दिशा देने की लिए एक अच्छा साधन हो सकता है। भगवान राम, जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, सत्य, धर्म और आदर्श जीवन का प्रतीक माने जाते हैं। Ram ji ki aarti में श्री राम का गुणगान किया जाता है और उनसे आशीवार्द प्राप्ति के लिए प्रार्थना की … Read more

Maruti Stotra in hindi

Maruti Stotra in Hindi | मारुती स्तोत्र हिंदी में : एक आध्यात्मिक भक्ति पाठ

मारुती स्तोत्र हिंदी में उपलब्ध एक पारंपरिक और धार्मिक स्तोत्र है जो भगवान हनुमान के गुणों का बखान करता है। इसमें हनुमान जी के चमत्कारों, तपस्या, और राम के प्रति उनकी भक्ति का वर्णन किया गया है। इस स्तोत्र में एक अलग ही भक्तिभाव और भगवान के प्रति श्रद्धा दिखाई देती है। मारुती स्तोत्र भक्तों के … Read more

श्री बद्रीनाथ जी की आरती पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम्, निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्॥ शेष सुमिरन करत निशदिन, धरत ध्यान महेश्वरम्, वेद ब्रह्मा करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम्॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ शक्ति गौरी गणेश शारद, नारद मुनि उच्चारणम्, जोग ध्यान अपार लीला, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ इंद्र चंद्र कुबेर धुनि कर, धूप दीप प्रकाशितम्, सिद्ध मुनिजन करत जय जय, बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ यक्ष किन्नर करत कौतुक, ज्ञान गंधर्व प्रकाशितम्, श्री लक्ष्मी कमला चंवरडोल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ कैलाश में एक देव निरंजन, शैल शिखर महेश्वरम्, राजयुधिष्ठिर करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ श्री बद्रजी के पंच रत्न, पढ्त पाप विनाशनम्, कोटि तीर्थ भवेत पुण्य, प्राप्यते फलदायकम्॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम्, निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्॥ ॥ इति श्री बद्रीनाथ जी आरती संपूर्णम्॥

श्री बद्रीनाथ जी की आरती | Shri Badrinath Ji ki Aarti

श्री बद्रीनाथ धाम, हिन्दू धर्म के चार धामों में से एक, वह पवित्र स्थल है जहाँ बद्री नारायण जी की आराधना की जाती है। यहाँ प्रतिदिन गूंजने वाली “श्री बद्रीनाथ जी की आरती” भक्तों के लिए आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्वितीय अनुभव है। यह Shri Badrinath Ji ki Aarti केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, … Read more

Shiv Stuti 1

Shiv Stuti | शिव स्तुति : भगवान शिव के चमत्कार

शिव स्तुति, भगवान शिव की आराधना का एक ऐसा दिव्य माध्यम है, जो भक्तों को उनके अपार प्रेम, करुणा और शक्ति से जोड़ता है। शिव, जिन्हें भोलेनाथ, महादेव और त्रिनेत्रधारी के नाम से भी जाना जाता है, सृष्टि के पालनकर्ता और संहारक दोनों माने जाते हैं। Shiv Stuti का जाप और shiv ji ke bhajan … Read more

Shiv Panchakshar Stotra | शिव पंचाक्षर स्तोत्र

शिव पंचाक्षर स्तोत्र हमरे हिन्दू धर्म का अत्यधिक महत्वपूर्ण मन्त्र है। Shiv Panchakshar Stotra श्लोक सभी शिव भक्तों के लिए आदर्श माना जाता है। इस स्तोत्र में भगवान शिव की असीम कृपा समाहित है जिसका अनुभव इस स्तोत्र का पाठ करने वाले भक्त कर सकते है। नियमित रूप से इस स्तोत्र का जाप करके भगवान शिव की विशेष … Read more

Hanuman Ashtak in Hindi | हनुमान अष्टक इन हिंदी

हनुमान अष्टक इन हिंदी उन भक्तों के लिए एक उत्तम साधन है, जो भगवान हनुमान की कृपा से अपने जीवन के सभी संकटों से छुटकारा पाना चाहते हैं। इसमें आठ मंत्रात्मक श्लोक होते हैं, जो उनके बल, बुद्धि, और भक्तों के प्रति उनके असीम प्रेम का वर्णन करते हैं। जो लोग जीवन में निरंतर संघर्ष … Read more

लक्ष्मी आरती लिरिक्स मंत्र महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि। हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदे। सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं॥ आरती ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता। सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ तुम ही पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता। कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी, भव निधि की त्राता॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ जिस घर तुम रहती हो, ताँहि में हैं सद्‍गुण आता। सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता। खान पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता। रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता। उँर आंनद समाता, पाप उतर जाता॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥

Laxmi Aarti Lyrics | लक्ष्मी आरती लिरिक्स : धन की वर्षा

माता लक्ष्मी जी को धन, समृद्धि, और वैभव की देवी माना जाता हैं और लक्ष्मी आरती लिरिक्स का हमारे भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्हें धन और ऐश्वर्य की देवी के रूप में पूजा जाता है, और उनकी कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि का वास होता है। Laxmi … Read more