फागुन की बहार लाई मस्ती की फुहार
Fagun Ki Bahar Layi Masti Ki Fuhar फागुन की बहार,लाई मस्ती की फुहार,मैं तो चला अपने बाबा,श्याम के दरबार,होगी भिड़ अपार,पर सुनते है पुकार,मैं तो चला अपने बाबा,श्याम के दरबार,फागुन कि बहार।। खाटू नगर में भरता है,श्याम का लखी मेला,घुमता भक्तो के रेलो में,बाबा मेरा अलबेला,ले जाऊ मै निशान,लगाके जयकार,मैं तो चला अपने बाबा,श्याम के … Read more