श्रृंगार गजब है थारा तारीफ़ करूँ क्या उसकी जिसने तुम्हे सजाया
Shringar Gajab Hai Thara Tarif Karun Kya Uski Jisne Tumhe Sajaya ये मुखड़ा प्यारा प्यारा,श्रृंगार गजब है थारा,ये मिले है नैना जबसे,दिल लगता नहीं कहीं म्हारा,तारीफ़ करूँ क्या उसकी,जिसने तुम्हे सजाया,तारीफ़ करूँ क्या उसकी,जिसने तुम्हे सजाया।। शौक़ीन है ये सजने के,आज बनड़ा इन्हे बनाया,चुन चुन कर सब बागों के,फूलों से इन्हे सजाया,फूलों से इन्हे सजाया,ऊपर … Read more