देवता भी स्वार्थी थे दौड़े अमृत के लिए भजन लिरिक्स
देवता भी स्वार्थी थे दौड़े अमृत के लिए भजन भगवान शिव की महानता और त्याग को समर्पित है। जब समुद्र मंथन से निकले विष को देवता और असुरों ने अस्वीकार कर दिया, तब भगवान शिव ने बिना किसी स्वार्थ के उसे ग्रहण किया। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्चा देवत्व त्याग और परोपकार में … Read more